
सुनील कुमार
नवल प्रभात की नवल रश्मियों से
आलोकित जीवन पथ हो
बहे हृदय में प्रेम की धारा
दूर उर का तम हो
नव वर्ष मंगलमय हो।
मिट जाएं सब राग-द्वेष
बस अपनत्व ही अपनत्व हो
नई उम्मीद नई आशाओं से
पुलकित यह जीवन हो
नव वर्ष मंगलमय हो।
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छट जाएं दुःख के बादल
विघ्न-बाधाएं सब खत्म हो
फूल खिलें खुशियों के
चहुंदिश फैले प्रेम सुगंध हो
नव वर्ष मंगलमय हो।
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »सुनील कुमारलेखक एवं कविAddress »ग्राम : फुटहा कुआं, निकट पुलिस लाइन, जिला : बहराइच, उत्तर प्रदेश | मो : 6388172360Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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