
रुड़की में दो बहनों की हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया है कि आरोपी विवेक ने करीब एक माह पहले ही अपनी मां के सामने बहनों को मारने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार विवेक अपनी बहनों से नाराज था और कथित तौर पर उनके चाल-चरित्र को लेकर उसके मन में गुस्सा था, जिसके चलते उसने वारदात की योजना बनाई। मां ने बड़ी बेटी को सावधान रहने के लिए बताया था, लेकिन बहनें भाई के इरादों को गंभीरता से नहीं समझ सकीं और बाद में हत्या की शिकार हो गईं।
- रुड़की डबल मर्डर: मां को एक माह पहले बताया था खौफनाक इरादा
- बहनों की हत्या से पहले विवेक ने मां को किया था आगाह, फिर भी नहीं टला हादसा
- रुड़की में दो बहनों की हत्या: पहले से सुलग रही थी भाई के मन में नाराजगी
- डबल मर्डर की जांच में खुलासा: मां को पहले ही बता चुका था विवेक
रुड़की। शहर में दो सगी बहनों की हत्या के मामले की जांच में पुलिस पूछताछ के दौरान कई अहम बातें सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी विवेक ने अपनी बहनों की हत्या करने का फैसला अचानक नहीं लिया था, बल्कि वह पहले से ही इस वारदात के लिए मानसिक रूप से तैयारी कर रहा था। बताया गया है कि करीब एक माह पहले उसने अपनी मां के सामने बहनों को मौत के घाट उतारने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार, मां ने विवेक की बात को गंभीरता से लिया और बड़ी बेटी को भी इस संबंध में आगाह किया था। मां ने बेटी से सावधान रहने के लिए कहा था, लेकिन बहनों ने शायद भाई के इरादे की गंभीरता को नहीं समझा। इसके बाद स्थिति इतनी भयावह हो गई कि दोनों बहनों की हत्या कर दी गई।
बहनों से नाराज था विवेक
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि चुड़ियाला में रहने वाला विवेक रुड़की में रहने वाली अपनी बहनों से नाराज था। पुलिस के मुताबिक, वह कथित तौर पर बहनों के चाल-चरित्र को लेकर भी परेशान था। इसी नाराजगी को वारदात की एक प्रमुख वजह के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और कारणों की पुलिस जांच अभी जारी है। पुलिस का कहना है कि विवेक के मन में काफी समय से गुस्सा था और उसने अचानक आवेश में आकर यह कदम नहीं उठाया। उसने कथित तौर पर पहले अपनी मां को अपने इरादे के बारे में बताया और इसके बाद वारदात को अंजाम देने की दिशा में आगे बढ़ा।
मां ने बड़ी बेटी को किया था सावधान
एसएसपी नवनीत भुल्लर के अनुसार, विवेक ने करीब एक माह पहले ही अपनी मां को बहनों की हत्या करने के संकेत दे दिए थे। मां ने इसे गंभीरता से लेते हुए बड़ी बेटी को भी बताया था कि उन्हें सावधान रहने की जरूरत है। इसके बावजूद दोनों बहनें भाई के मन में चल रही नाराजगी और उसके इरादों को पूरी तरह नहीं समझ सकीं। पुलिस की जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि परिवार के भीतर पहले से मौजूद तनाव के संकेत मिलने के बावजूद स्थिति को समय रहते नियंत्रित नहीं किया जा सका।
पहले कोचिंग सेंटर चलाता था आरोपी
पुलिस के अनुसार, विवेक कई वर्ष पहले अपने भाई के साथ मिलकर कोचिंग सेंटर चलाता था। वह शिक्षा से जुड़े काम में भी रहा है, लेकिन बाद में उसकी जिंदगी में कानूनी विवाद सामने आया। एसएसपी ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले विवेक को नकल कराने के आरोप में थाना कनखल पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद राज्य में लागू नकल विरोधी कानून के तहत उसे करीब छह महीने जेल में रहना पड़ा था। फिलहाल वह कोचिंग सेंटर नहीं चला रहा था और गांव में ही रह रहा था।
जीजा पर भी चलाई गोली
इस वारदात में विवेक ने अपने जीजा संदीप पर भी गोली चलाई थी। गोली लगने से संदीप घायल हो गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश ले जाया गया। वहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात से पहले आरोपी की गतिविधियां क्या थीं तथा हत्या के पीछे वास्तविक परिस्थितियां और घटनाक्रम क्या रहा।
पहले से चल रही थी नाराजगी
पुलिस की अब तक की पूछताछ से यह संकेत मिला है कि दोनों बहनों की हत्या के पीछे लंबे समय से चली आ रही नाराजगी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विवेक ने कथित तौर पर अपनी मां के सामने अपने इरादे जाहिर किए थे, जिससे यह सवाल भी उठ रहा है कि परिवार में तनाव किस स्तर तक पहुंच चुका था। मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि हत्या की वजह, आरोपी की मानसिक स्थिति, वारदात की पूर्व तैयारी और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।






