
उत्तराखंड में धामी सरकार ने यूपीसीएल और यूजेवीएनएल के एमडी समेत कई अधिकारियों को कार्यमुक्त कर दिया है। ये अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार पर कार्यरत थे। उनकी जगह नए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
- अनिल कुमार और संदीप सिंघल हटाए गए
- नए एमडी की जिम्मेदारी सौंपी गई
- ऊर्जा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव
- सेवा विस्तार पर काम कर रहे अफसर हटे
देहरादून। उत्तराखंड में ऊर्जा विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए राज्य सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया है। इस कार्रवाई में Uttarakhand Power Corporation Limited (यूपीसीएल) और Uttarakhand Jal Vidyut Nigam Limited (यूजेवीएनएल) के प्रबंध निदेशक (एमडी) भी शामिल हैं। प्रमुख सचिव ऊर्जा R Meenakshi Sundaram द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ये सभी अधिकारी सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार पर कार्य कर रहे थे।
सरकार ने अब उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके पदों से मुक्त कर दिया है। यूपीसीएल के एमडी Anil Kumar को सरकार ने 30 जून 2024 से दो वर्ष का सेवा विस्तार दिया था, लेकिन अब उन्हें पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह यूजेवीएनएल के महाप्रबंधक यमुना वैली, डाकपत्थर एवं पिटकुल के प्रभारी निदेशक (परिचालन) Gajendra Singh Budiyal को नया एमडी नियुक्त किया गया है।
इसी तरह, यूजेवीएनएल के एमडी Sandeep Singhal को भी सेवा विस्तार के बावजूद कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर यूजेवीएनएल के महाप्रबंधक भागीरथी वैली एवं प्रभारी निदेशक (परिचालन) Ajay Kumar Singh को एमडी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, यूपीसीएल के निदेशक (परियोजना) Ajay Kumar Agrawal को भी उनके पद से हटा दिया गया है, हालांकि उनके स्थान पर फिलहाल किसी नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई है।
सरकार के इस फैसले को ऊर्जा विभाग में प्रशासनिक पुनर्गठन के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों और मांग को देखते हुए सरकार अब नई कार्यशैली और नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना चाहती है, जिससे बिजली आपूर्ति और प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।





