
उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन आज गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित हो रहा है, जहां प्रश्नकाल के दौरान विधायकों के 600 से अधिक सवालों से सदन गरमाने की संभावना है। सरकार आर्थिक सर्वेक्षण और कैग की सात रिपोर्ट के साथ चार महत्वपूर्ण अध्यादेश भी सदन में पेश करेगी। विपक्ष ने भी शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
- 600 से अधिक सवालों के साथ विधानसभा में गरमाएगा प्रश्नकाल
- भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र का दूसरा दिन, कई रिपोर्ट होंगी पेश
- विपक्ष ने सरकार को घेरने की बनाई रणनीति, हंगामे के आसार
- यूसीसी समेत चार अहम अध्यादेश सदन के पटल पर रखे जाएंगे
भराड़ीसैंण (चमोली)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन मंगलवार को ग्रीष्मकालीन राजधानी Gairsain स्थित Bhararisain Vidhan Sabha Bhawan में आयोजित हो रहा है। पांच दिवसीय बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में प्रश्नकाल के दौरान पक्ष और विपक्ष के विधायकों के सवालों से बहस तेज होने की संभावना है। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 10.41 प्रतिशत अधिक है।
प्रश्नकाल में उठेंगे सैकड़ों सवाल
सत्र के दूसरे दिन सदन में प्रश्नकाल आयोजित किया जाएगा। इस बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों की ओर से 600 से अधिक प्रश्न प्राप्त हुए हैं। माना जा रहा है कि इन सवालों के माध्यम से सरकार से विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली और योजनाओं को लेकर जवाब मांगे जाएंगे।
सदन में रखे जाएंगे कई अहम दस्तावेज
आज के कार्यसूची में आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के साथ-साथ Comptroller and Auditor General of India (कैग) की सात रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी। इन रिपोर्टों में राज्य की वित्तीय स्थिति और विभिन्न विभागों के कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया जाएगा।
चार अध्यादेश भी होंगे पेश
सत्र के दौरान सरकार चार महत्वपूर्ण अध्यादेश भी सदन के पटल पर रखेगी। इनमें उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) संशोधन अध्यादेश 2025, उत्तराखंड जन विश्वास उपबंध संशोधन अध्यादेश 2025, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश 2025 और Uniform Civil Code से संबंधित उत्तराखंड समान नागरिक संहिता संशोधन अध्यादेश 2026 शामिल हैं।
विपक्ष की रणनीति, हंगामे के आसार
सत्र के पहले दिन विपक्ष ने सड़क से लेकर सदन तक विरोध प्रदर्शन किया था और कार्यवाही शुरू होते ही वॉकआउट भी किया। विपक्ष सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर रहा है और कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि बजट सत्र सुचारु रूप से चले, लेकिन सरकार विपक्ष के सवालों से असहज महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि जब भी अवसर मिलेगा, विपक्ष सरकार से जवाब जरूर मांगेगा।
उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुख बताते हुए कहा कि विपक्ष इन विषयों पर सरकार से स्पष्ट जवाब चाहता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।





