
देहरादून स्थित विंडलास बायोटेक में औषधि प्रशासन की टीम ने छापा मारकर गंभीर अनियमितताएं पकड़ी हैं। जांच के दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप में गड़बड़ी मिलने पर उसकी आपूर्ति पर तत्काल रोक लगा दी गई। बच्चों की मौतों के बाद प्रदेश में दवा कंपनियों पर सख्ती बढ़ा दी गई है।
- औचक निरीक्षण में उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं
- कफ सिरप का अनुमोदन अग्रिम आदेश तक निलंबित
- मेडिकल स्टोर और दवा कंपनियों पर लगातार कार्रवाई
- सभी जिलों को सख्त निगरानी के निर्देश
देहरादून। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मोहब्बेवाला स्थित विंडलास बायोटेक में औचक निरीक्षण कर गंभीर अनियमितताएं पकड़ी हैं। जांच के दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप में खामियां पाए जाने पर विभाग ने उसकी आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
सोमवार को औषधि प्रशासन की टीम ने दवा निर्माता कंपनी में विभिन्न औषधियों के निर्माण, भंडारण और गुणवत्ता से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान अधिकारियों को कोडीन युक्त कफ सिरप में नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिले। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कफ सिरप को तत्काल प्रतिबंधित कर दिया गया।
Government Advertisement...
उल्लेखनीय है कि देश के अलग-अलग राज्यों में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों के सामने आने के बाद उत्तराखंड में भी विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में प्रदेश भर में दवा निर्माता कंपनियों और मेडिकल स्टोरों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि विंडलास बायोटेक के मामले में संबंधित औषधि का अनुमोदन अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया गया है। साथ ही अन्य दवाओं की भी जांच की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश के सभी जिलों में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं। मेडिकल स्टोरों और दवा कंपनियों की नियमित जांच जारी रहेगी, ताकि आम जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ न हो।





