
उत्तराखंड में एक अप्रैल से नई बिजली दरें लागू करने का प्रस्ताव है। इस पर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग 18 फरवरी से चार शहरों में जनसुनवाई करेगा। उपभोक्ता 31 जनवरी तक अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
- तीनों ऊर्जा निगमों ने औसतन 18.50 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा
- यूजेवीएनएल का टैरिफ प्रस्ताव पहली बार माइनस में
- देहरादून, कर्णप्रयाग, रुद्रपुर और मुनस्यारी में होगी जनसुनवाई
- आयोग के फैसले के बाद एक अप्रैल से लागू होंगी नई दरें
देहरादून। प्रदेश में एक अप्रैल से लागू होने जा रही नई बिजली दरों को लेकर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) ने जनसुनवाई की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। आयोग 18 फरवरी से प्रदेश के चार शहरों में जनसुनवाई करेगा, जिसमें उपभोक्ता और अन्य हितधारक अपने सुझाव एवं आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इस वर्ष प्रदेश के तीनों ऊर्जा निगमों ने कुल मिलाकर 18.50 प्रतिशत टैरिफ वृद्धि का प्रस्ताव आयोग के समक्ष रखा है।
इसमें उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने 16.23 प्रतिशत, पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड (पिटकुल) ने करीब तीन प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। वहीं, पहली बार उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने माइनस 1.2 प्रतिशत टैरिफ प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। नियामक आयोग ने इन सभी प्रस्तावों पर उपभोक्ताओं, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों से 31 जनवरी तक सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।
चार शहरों में होगी जनसुनवाई
इस साल भी आयोग चार शहरों में जनसुनवाई करेगा। गढ़वाल मंडल में देहरादून और कर्णप्रयाग, जबकि कुमाऊं मंडल में रुद्रपुर और मुनस्यारी को जनसुनवाई के लिए चुना गया है। इससे पहले पिछले वर्ष गढ़वाल में देहरादून और गोपेश्वर तथा कुमाऊं में रुद्रपुर और लोहाघाट में जनसुनवाई आयोजित की गई थी।
उपभोक्ताओं को मिलेगा पक्ष रखने का अवसर
नियामक आयोग के अध्यक्ष एम.एल. प्रसाद ने बताया कि कोई भी उपभोक्ता जनसुनवाई के दौरान अपना पक्ष रख सकता है। जनसुनवाई पूरी होने के बाद सभी तथ्यों, सुझावों और आपत्तियों पर विचार कर आयोग टैरिफ प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेगा। आयोग के निर्णय के बाद नई बिजली दरें एक अप्रैल 2026 से लागू की जाएंगी।








