
सेरा पंचायत स्वच्छता समिति और वेस्ट वॉरियर्स सोसायटी के बीच पहला लिखित समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया, जिससे पर्यावरण सखी मॉडल के तहत कचरा प्रबंधन परियोजना की औपचारिक शुरुआत हो गई। पहले ही दिन 23 घरों ने सूखे कचरे का पृथक्करण कर सामुदायिक सहभागिता का सकारात्मक संदेश दिया।
- सेरा पंचायत को पर्यावरण सखी मॉडल के अंतर्गत किया गया ऑनबोर्ड
- संयुक्त निदेशक पंचायती राज ने कचरा प्रबंधन को बताया वैश्विक आवश्यकता
- रिबन कटिंग व कचरा संग्रहण वाहन के फ्लैग-ऑफ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
- पर्यावरण सखियों की सक्रिय भागीदारी से अभियान को मिली नई ऊर्जा
सेरा (उत्तराखंड)। सेरा पंचायत क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। सेरा पंचायत स्वच्छता समिति और वेस्ट वॉरियर्स सोसायटी (Waste Warriors Society – WWS) के बीच पहला लिखित समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित किया गया, जिसके साथ ही पर्यावरण सखी मॉडल के अंतर्गत परियोजना गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत हो गई।
यह समझौता दिसंबर माह में आयोजित खुले सामुदायिक बैठक तथा ग्राम पंचायत स्वच्छता समिति के सहयोग के उपरांत संभव हो सका। इसके माध्यम से सेरा पंचायत को सफलतापूर्वक पर्यावरण सखी मॉडल के तहत ऑनबोर्ड किया गया है। MoU के माध्यम से परियोजना से जुड़े सभी हितधारकों की भूमिकाएं, जिम्मेदारियां एवं साझा दायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं, जिससे कार्यान्वयन को पारदर्शिता और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में श्री राजीव नाथ त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक, पंचायती राज, उत्तराखंड की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कचरा प्रबंधन को केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर की गंभीर चुनौती बताते हुए इस दिशा में विभागीय सहयोग और मार्गदर्शन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर इस प्रकार की पहल स्वच्छ और सतत विकास की नींव रखती हैं।
परियोजना का शुभारंभ रिबन कटिंग एवं कचरा संग्रहण वाहन के फ्लैग-ऑफ के साथ किया गया। यह पहल पहले ही दिन उत्साहजनक परिणाम लेकर आई, जब 23 घरों ने स्वेच्छा से सूखे कचरे का पृथक्करण कर संग्रहण प्रक्रिया में भागीदारी निभाई। यह स्थानीय समुदाय में बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।
कार्यक्रम में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ पर्यावरण सखियाँ शांति एवं शशि लखेड़ा की सक्रिय उपस्थिति रही, जिन्होंने घर-घर जाकर कचरा पृथक्करण एवं स्वच्छता के प्रति लोगों को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाई।
यह पहल सामुदायिक सहभागिता, पंचायत स्तर पर नेतृत्व और नागरिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। सेरा पंचायत में शुरू हुआ यह मॉडल भविष्य में अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है तथा स्वच्छ भारत मिशन और सतत विकास लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम सिद्ध होगा।








