
बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन ने अपने नए प्रोजेक्ट ‘बाल तान्हाजी’ की घोषणा की है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया जाएगा। यह फिल्म न सिर्फ ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ की विरासत को आगे बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय सिनेमा में एआई आधारित कंटेंट का नया अध्याय भी शुरू करेगी।
- एआई, एनिमेशन और गेमिंग की दुनिया में जाएगा तान्हाजी फ्रेंचाइजी
- लेंस वॉल्ट स्टूडियोज का पहला बड़ा प्रोजेक्ट ‘बाल तान्हाजी’
- भविष्य के कंटेंट निर्माण की ओर अजय देवगन का बड़ा कदम
- भारतीय सिनेमा में टेक्नोलॉजी और कहानी का नया संगम
मुंबई। बॉलीवुड सुपरस्टार अजय देवगन ने भारतीय सिनेमा में तकनीक और कहानी को एक नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने सोमवार को अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘बाल तान्हाजी’ (Baal Tanhaji) की आधिकारिक घोषणा की, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया जाएगा। यह फिल्म 2020 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ की विरासत को आगे बढ़ाएगी।
इस परियोजना का निर्माण अजय देवगन और निर्माता दानिश देवगन द्वारा स्थापित ‘लेंस वॉल्ट स्टूडियोज’ (Lens Vault Studios – LVS) के तहत किया जाएगा। स्टूडियो को अगली पीढ़ी के एंटरटेनमेंट हाउस के रूप में पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक फिल्मों से आगे बढ़कर ऐसे कहानी संसार रचना है, जो अलग-अलग प्लेटफॉर्म, प्रारूप और तकनीकों में जीवंत रह सकें।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि ‘बाल तान्हाजी’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा स्टोरी यूनिवर्स होगा जिसे भविष्य में एनिमेशन, एआई-ड्रिवन कंटेंट और गेमिंग जैसे माध्यमों में भी विकसित किया जा सकता है। यह परियोजना लेंस वॉल्ट स्टूडियोज की उस मूल सोच को दर्शाती है, जिसमें तकनीक और रचनात्मकता का गहरा मेल है।
अजय देवगन ने बयान में कहा,
“लेंस वॉल्ट स्टूडियोज की स्थापना कहानी कहने की पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ने के लिए की गई थी। हमारा फोकस उन प्रारूपों और माध्यमों की खोज पर है, जो अभी तक काफी हद तक अनछुए हैं। ‘बाल तान्हाजी’ भविष्य के लिए तैयार कंटेंट निर्माण की दिशा में हमारी यात्रा की शुरुआत है।”
गौरतलब है कि साल 2020 में रिलीज हुई ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ ने बॉक्स ऑफिस पर 360 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी और फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। मराठा योद्धा तान्हाजी मालुसरे की वीरगाथा ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी थी।
अब ‘बाल तान्हाजी’ के जरिए अजय देवगन इस कहानी को एक नए दृष्टिकोण, नई तकनीक और नई पीढ़ी के दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भारतीय सिनेमा में एआई-आधारित कंटेंट निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। कुल मिलाकर, ‘बाल तान्हाजी’ न सिर्फ एक फिल्म है, बल्कि यह संकेत है कि भारतीय सिनेमा अब तकनीक, कल्पना और इतिहास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।








