
देहरादून के डोईवाला क्षेत्र में एमडीडीए ने बड़ी बुलडोजर कार्रवाई करते हुए करीब 40 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। कुड़कावाला और झबरावाला क्षेत्रों में हुई इस कार्रवाई से अवैध कालोनाइजरों में हड़कंप मच गया।
- बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कालोनियों पर सख्त कार्रवाई
- नोटिस के बाद भी नहीं माने, एमडीडीए ने किया ध्वस्तीकरण
- अवैध प्लाटिंग से आम लोगों को भविष्य में हो सकता है नुकसान
- एमडीडीए ने जमीन खरीदने से पहले वैधता जांचने की अपील की
देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लाटिंग के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शुक्रवार को डोईवाला क्षेत्र में बड़ी बुलडोजर कार्रवाई की। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने करीब 40 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध कालोनियां विकसित कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार कुड़कावाला मार्ग पर बीएसएफ कैंप के पीछे नकट भट्टा क्षेत्र में लगभग 30 बीघा भूमि पर बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के प्लाटिंग की जा रही थी।
इसके अलावा झबरावाला क्षेत्र में भी करीब 8 से 10 बीघा भूमि पर अवैध कालोनी विकसित की जा रही थी। दोनों ही मामलों में संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस के बावजूद नियमों की अनदेखी किए जाने पर शुक्रवार को एमडीडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाई गई सड़कें, सीमांकन, बाउंड्री वॉल और प्लाटिंग से जुड़े अन्य निर्माण ध्वस्त कर दिए गए। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
कार्रवाई के समय एमडीडीए के सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाती कोहली सहित प्राधिकरण के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पूरी कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की गई। एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना अनुमति विकसित की जा रही कालोनियां न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि इनमें प्लॉट खरीदने वाले आम नागरिकों को भविष्य में गंभीर कानूनी और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी भूमि या प्लॉट को खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच एमडीडीए से अवश्य कर लें। वहीं, एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों और प्रक्रिया के तहत की गई है। अवैध प्लाटिंग करने वालों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी और आगे भी नियमों का उल्लंघन करने पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। एमडीडीए की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनियों पर अंकुश लगाने और शहरी नियोजन को दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।








