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देहरादून में साइबर ठगों ने पौड़ी निवासी सुरेश कुमार से WhatsApp ग्रुप के माध्यम से 1.30 करोड़ रुपये ठग लिए, उन्हें मुनाफे का झांसा देकर डेढ़ माह तक धोखा दिया। साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- WhatsApp ग्रुप के जाल में फंसा निवेशक, डेढ़ माह तक चला धोखाधड़ी का खेल
- डीबीएस ग्रुप का झांसा, 30 करोड़ दिखाकर और रकम जमा करवाने की मांग
- सरकारी कर्मचारी समेत दोस्तों की कमाई भी ठगों के हाथ लगी
- साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
देहरादून। शेयर मार्केट के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पौड़ी निवासी सुरेश कुमार, जो सरकारी विभाग में कार्यरत हैं, साइबर ठगों के जाल में फंस गए और उन्हें डेढ़ माह के दौरान 1.30 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा। ठगों ने उन्हें पहले WhatsApp ग्रुप में शामिल किया और मुनाफे के लालच में निवेश के लिए प्रेरित किया।
सुरेश कुमार ने बताया कि ग्रुप में एडमिन कंपनी की सलाह पर निवेश कर लाभ कमाने की बात कहते थे। बाद में ठगों ने दावा किया कि डीबीएस ग्रुप तीन नवंबर से डेली ट्रेडिंग प्लान शुरू कर रहा है, जिसमें रोजाना पांच प्रतिशत मुनाफे की संभावना बताई गई। इसके लिए उन्हें इंटरनल इक्विटी खाते में रजिस्टर होना पड़ा, जिसे उन्होंने अपनी पत्नी के नाम से कराया।
चार नवंबर से 18 दिसंबर के बीच ठगों ने 1.30 करोड़ रुपये जमा करवाए। खाते में 30 करोड़ रुपये दिखाई दे रहे थे, लेकिन जब पैसे निकालने की कोशिश की गई, तो ठग और अधिक धनराशि जमा करने की बात कहते रहे। सुरेश कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई और दोस्तों की लगाई हुई रकम भी ठगों को दे दी।
साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और धोखाधड़ी में शामिल व्यक्तियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने जनता से चेतावनी दी है कि ऐसे WhatsApp ग्रुप्स और अज्ञात लिंक से सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध निवेश या राशि जमा करने से पहले जांच अवश्य करें।





