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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र, रानीखेत पहुंचकर अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और सैनिकों व अग्निवीरों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सेना की सशक्त भूमिका की सराहना करते हुए पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
- मुख्यमंत्री ने सैनिकों और अग्निवीरों से संवाद कर किया उत्साहवर्धन
- प्रशिक्षण व्यवस्थाओं और आधुनिक हथियारों का लिया प्रत्यक्ष जायजा
- वीर नारियों के कल्याण से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन
- पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के सम्मान के लिए सरकार प्रतिबद्ध
देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र, रानीखेत का दौरा कर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने सैनिकों और अग्निवीरों से सीधे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और देशसेवा के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा सैन्य सम्मान, प्रेरणा और कल्याण के संदेश के रूप में देखा गया।
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कुमाऊं रेजीमेंट मुख्यालय में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपलब्ध प्रशिक्षण व्यवस्थाओं, आधुनिक हथियारों और सैन्य संसाधनों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान ही भारतीय सेना की मजबूती की आधारशिला हैं। इसके साथ ही उन्होंने वीर नारियों के कल्याण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली और उनके लिए संचालित कार्यक्रमों की सराहना की।
सैनिकों और अग्निवीरों के साथ संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारतीय सेना पहले से कहीं अधिक सशक्त, सक्षम और आत्मनिर्भर बनी है। उन्होंने कहा कि आज हमारी सेना न केवल सीमाओं की रक्षा कर रही है, बल्कि दुश्मनों को उनके ही अंदाज में जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है। यह आत्मविश्वास और सामर्थ्य पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री ने सैन्य अधिकारियों और सैनिकों के परिवारजनों से भी भेंट की और उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों और अमर बलिदानियों के आश्रितों के सम्मान और कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य में संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेंशन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वीर परिवारों को हर स्तर पर सम्मान, सुरक्षा और संबल मिल सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज और सरकार का नैतिक दायित्व है। कुमाऊं रेजीमेंट केंद्र का यह दौरा न केवल सैन्य मनोबल को सुदृढ़ करने वाला रहा, बल्कि यह संदेश भी देने वाला रहा कि राज्य सरकार देश की रक्षा में लगे हर जवान और उसके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।





