
🌟🌟🌟
देहरादून के मेहूवाला निवासी मनीष गुप्ता की शिकायत पर कारगी डंपिंग ग्राउंड को लेकर उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने क्षेत्रीय अधिकारी को स्थल निरीक्षण कर कार्रवाई की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। शिकायत में स्कूलों और सरकारी संस्थानों के पास कचरा डंप किए जाने से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों का उल्लेख किया गया है।
- सिटी वेस्ट को आबादी और स्कूलों से दूर शिफ्ट करने की उठी मांग
- मनीष गुप्ता की शिकायत के बाद हरकत में आया प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
- क्षेत्रीय अधिकारी को जांच कर आख्या सौंपने के निर्देश
- कारगी डंपिंग ग्राउंड से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर खतरे का आरोप
देहरादून | देहरादून में सिटी वेस्ट प्रबंधन को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मेहूवाला निवासी मनीष गुप्ता द्वारा कारगी डंपिंग ग्राउंड के संबंध में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल निरीक्षण के आदेश जारी किए हैं। बोर्ड ने संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें और आवश्यक कार्रवाई करते हुए विस्तृत आख्या कार्यालय को उपलब्ध कराएं।
Government Advertisement...
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी पत्र के अनुसार शिकायतकर्ता मनीष गुप्ता ने 5 नवंबर 2025 को ई-मेल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में यह उल्लेख किया गया है कि कारगी डंपिंग ग्राउंड के पास स्कूल, सरकारी संस्थान और आबादी स्थित है, जिसके बावजूद वहां लगातार शहर का कचरा डंप किया जा रहा है। इससे आसपास के क्षेत्र में गंभीर प्रदूषण फैल रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि कचरे के कारण दुर्गंध, गंदगी और प्रदूषित वातावरण बना हुआ है, जिससे स्कूली बच्चों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की है कि सिटी वेस्ट को घनी आबादी वाले क्षेत्रों से हटाकर शहर के बाहर किसी उपयुक्त स्थान पर शिफ्ट किया जाए। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रकरण से संबंधित स्थल का निरीक्षण कर तथ्यात्मक स्थिति का आकलन किया जाए और नियमानुसार जो भी आवश्यक कार्रवाई बनती हो, उसकी सूचना बोर्ड कार्यालय को दी जाए। इससे यह संकेत मिलता है कि कारगी डंपिंग ग्राउंड की वर्तमान स्थिति और उसके संचालन की विधि की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कारगी डंपिंग ग्राउंड लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। आबादी के विस्तार के बावजूद डंपिंग ग्राउंड का उसी स्थान पर बने रहना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निरीक्षण के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभाग क्या वास्तव में सिटी वेस्ट को शहर से बाहर शिफ्ट करने की दिशा में ठोस निर्णय लेते हैं या फिर यह मामला केवल औपचारिक जांच तक सीमित रह जाएगा।





