
🌟🌟🌟
देहरादून में नर्सिंग भर्ती वर्षवार बहाली की मांग को लेकर सीएम आवास कूच कर रहे बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों और पुलिस में जोरदार भिड़ंत हो गई। इस दौरान एक महिला पुलिसकर्मी द्वारा नर्सिंग छात्रा सपना चौधरी को थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
- नर्सिंग भर्ती विवाद: प्रदर्शन में महिला पुलिसकर्मी का थप्पड़, सड़क पर हंगामा
- सीएम आवास कूच के दौरान बवाल, पुलिस और प्रदर्शनकारियों में धक्का-मुक्की
- हरिद्वार की छात्रा सपना चौधरी को महिला पुलिसकर्मी ने मारा थप्पड़, सोशल मीडिया में वीडियो वायरल
- नर्सिंग भर्ती में वर्षवार प्रक्रिया की मांग पर देहरादून में तीखा विरोध, पुलिस ने दबोचे प्रदर्शनकारी
देहरादून। नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को पूर्व की भांति वर्षवार बहाल करने, मौजूदा भर्ती विज्ञप्ति को निरस्त करने और प्रदेश के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर सोमवार को बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी दिलाराम चौक से मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच कर रहे थे। नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले हुए इस विरोध मार्च में उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। लेकिन सालावाला के पास पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। रोकने की कोशिश के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी धक्का-मुक्की होने लगी, जिससे माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
इसी अफरा-तफरी के बीच हरिद्वार की नर्सिंग छात्रा सपना चौधरी और एक महिला पुलिसकर्मी के बीच बहस बढ़ते-बढ़ते भिड़ंत में बदल गई। महिला पुलिसकर्मी द्वारा सपना को थप्पड़ मारने की घटना ने प्रदर्शन को भड़काया और मौके पर हंगामा खड़ा हो गया। थप्पड़ लगते ही दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई, जिसके वीडियो इंटरनेट मीडिया में तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ बेरोजगारों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की और मौके पर जबरन बल प्रयोग किया।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर एकता विहार स्थित धरनास्थल भेज दिया। वहीं सपना चौधरी की तबीयत बिगड़ने पर साथी नर्सिंग अधिकारियों ने उन्हें दून अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए भेजा। नर्सिंग एकता मंच के मीडिया प्रभारी प्रवेश रावत ने बताया कि पुलिस की ओर से बदसलूकी कोई नई बात नहीं है—पांच नवंबर को परेड ग्राउंड के धरने के दौरान भी बेरोजगारों को कथित तौर पर घसीटकर गाड़ियों में भरा गया था। मंच जल्द ही इस संबंध में पुलिस के उच्च अधिकारियों से शिकायत करेगा।
इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि बेरोजगार नर्सिंग अधिकारी पिछले कई दिनों से शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हैं, परंतु सरकार की ओर से अब तक किसी भी मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को वर्षवार बहाल करने, मौजूदा भर्ती विज्ञप्ति को रद्द करने और आईपीएचएस मानकों के अनुसार 2500 से अधिक पदों पर नई भर्ती जारी करने जैसे मुद्दों पर सरकार को तुरंत निर्णय लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक मांगे मान नहीं ली जातीं, आंदोलन और तेज किया जाएगा।
धरना स्थल पर मंच के संरक्षक विकास पुंडीर, उपाध्यक्ष सरिता जोशी, सचिव राजेंद्र कुकरेती, सह-सचिव अनिल रमोला, स्तुति सती, मधु उनियाल, श्वेता डोभाल और कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे दिन चले इस प्रदर्शन ने देहरादून की सड़कों पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने मामले को और गरमा दिया।





