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दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार ने खटीमा दुग्ध प्रोसेसिंग यूनिट में नई आधुनिक मशीनें लगाने का प्रस्ताव एनडीडीबी को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर यहां की क्षमता बढ़ेगी, उत्पादों की क्वालिटी सुधरेगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा।
- दुग्ध उत्पादन बढ़ाने को बड़ा कदम: खटीमा यूनिट में आधुनिक मशीनों की तैयारी
- किसानों की आय बढ़ेगी, खटीमा प्रोसेसिंग यूनिट के कायाकल्प का प्रस्ताव केंद्र को भेजा
- 24 साल पुरानी मशीनरी बदलेगी, एनडीडीबी सहयोग से दुग्ध क्षेत्र में क्रांति की तैयारी
- खटीमा और रुद्रपुर की दुग्ध यूनिटों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी, राज्य ने भेजा प्रस्ताव
ऊधम सिंह नगर। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए राज्य सरकार ने खटीमा दुग्ध प्रोसेसिंग यूनिट में नई आधुनिक मशीनें लगाने का प्रस्ताव एनडीडीबी को भेजा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर यहां की क्षमता बढ़ेगी, उत्पादों की क्वालिटी सुधरेगी और किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा। राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि और किसानों की आय को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए खटीमा स्थित दुग्ध प्रोसेसिंग यूनिट के आधुनिकीकरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेज दिया है।
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यह प्रस्ताव राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से राज्य दुग्ध क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने की उम्मीद कर रहा है। वर्तमान व्यवस्था में खटीमा की यूनिट 24 साल पुरानी मशीनरी पर निर्भर है, जिसके कारण उत्पादन क्षमता सीमित है और उत्पादों के संरक्षण में लगातार चुनौतियां सामने आती रही हैं। दुग्ध संघ की अध्यक्ष प्रभा रावत के अनुसार, खटीमा की 50 हजार लीटर क्षमता वाली मुख्य प्रोसेसिंग यूनिट वर्ष 2001 में स्थापित हुई थी, लेकिन अब तक इसका पूर्ण पुनरुद्धार नहीं हो सका।
पुरानी तकनीक के कारण यहां पनीर जैसे उत्पादों को दो दिनों से अधिक सुरक्षित रखना मुश्किल है। नई मशीनों के लगने से यहां उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और तैयार पनीर को सप्ताह भर सुरक्षित रखा जा सकेगा, जो उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए बड़ा लाभ सिद्ध होगा। प्रस्ताव में न केवल खटीमा, बल्कि जिले भर में संचालित दूध कलेक्शन सेंटरों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें आधुनिक उपकरणों से लैस करने की योजना भी शामिल है। दुग्ध समितियों की संख्या बढ़ाने से गांव-गांव में दूध संग्रहण की व्यवस्था सुदृढ़ होगी, जिससे किसानों को सीधे फायदा पहुंचेगा और उन्हें अपने दूध का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
इसके अलावा राज्य सरकार ने कोल्ड चैन को भी दुरुस्त करने का प्रस्ताव भेजा है, ताकि दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता लंबे समय तक सुरक्षित बनी रहे। इसी तरह रुद्रपुर की दुग्ध यूनिट की क्षमता को भी बढ़ाने का प्रस्ताव शासन ने तैयार कर भेजा है। वर्तमान में रुद्रपुर में पुरानी मशीनरी के चलते अधिक मात्रा में दुग्ध उत्पादों को सुरक्षित रखना चुनौती रहा है। प्रस्ताव मंजूर होने के बाद इसकी क्षमता पांच हजार लीटर से बढ़ाकर दस हजार लीटर तक की जाएगी।
दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक राजेश मेहता के अनुसार, प्रस्ताव की समीक्षा के लिए राज्य स्तर पर उच्च अधिकारियों की बैठक भी हो चुकी है। जैसे ही केंद्र से सहमति मिलती है, आधुनिक मशीनों की स्थापना का काम शुरू कर दिया जाएगा। इससे ना केवल राज्य की प्रोसेसिंग क्षमता में व्यापक सुधार होगा, बल्कि हजारों दुग्ध उत्पादकों की आय में भी सीधा इजाफा होगा और डेयरी क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी।





