
देहरादून। देहरादून में ठंड बढ़ने के साथ ही सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में तेज़ी से वृद्धि हुई है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सामान्य दिनों में 250-275 के बीच रहने वाली ओपीडी संख्या अब 350 से 400 तक पहुँच चुकी है। शनिवार को यहाँ ओपीडी में 397 मरीजों का आना दर्ज किया गया। मौसम में अचानक बदलाव और तापमान में गिरावट ने लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर दिया है, जिससे गला दर्द, खांसी, जुकाम, नाक बहना, बंद होना, त्वचा में खुजली और सिरदर्द जैसे लक्षण आम हो रहे हैं।
मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विवेकानंद सत्यवली ने बताया कि ठंडे मौसम और तापमान में बदलाव शरीर के इम्यून सिस्टम को कमजोर करते हैं। इस समय वायरस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर के मामले बढ़ जाते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, उन्हें सतर्क रहने की आवश्यकता है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इन दिनों वायरल फीवर, खांसी, जुकाम और सिरदर्द के मरीज बढ़ गए हैं। मेडिसिन विभाग में ओपीडी संख्या सामान्य दिनों में 250-275 रहती थी, जबकि अब यह 350-400 के बीच पहुंच गई है। इस स्थिति ने अस्पतालों में भीड़ बढ़ा दी है और चिकित्सकों पर दबाव बढ़ा है।
डॉ. विवेकानंद सत्यवली और जिला चिकित्सालय के फिजीशियन डॉ. प्रवीण पंवार ने कहा कि बदलते मौसम में कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है:
- पहनावे पर ध्यान दें और ठंडे पेय-पदार्थों का सेवन सीमित करें।
- पौष्टिक आहार लें, ताकि प्रतिरोधक क्षमता बढ़े।
- कम इम्यूनिटी वाले, श्वास संबंधी और शुगर के मरीज गुनगुना पानी पिएं।
- सिर दर्द या बुखार होने पर अपनी मर्जी से दवा न लें, विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लें।
- दूध में हल्दी, आंवला और संतरे का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है।
- सुबह की हल्की सैर और नियमित योग भी शरीर को मजबूत बनाते हैं।
- बार-बार आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना कम होती है।
- तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई या सीने में दर्द जैसी गंभीर समस्याओं पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
डा. प्रवीण पंवार ने बताया कि बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। अचानक तापमान में गिरावट के कारण पाचन, त्वचा और श्वसन से जुड़ी बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में गले में दर्द, लगातार छींके, नाक बहना और खुजली जैसी समस्याएं इम्यूनिटी को कमजोर कर देती हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस मौसम में सावधानी बरतना और स्वास्थ्यप्रद आदतें अपनाना बेहद जरूरी है। ठंड और वायरल संक्रमण से बचाव के लिए न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बल्कि पूरे परिवार की सुरक्षा पर भी ध्यान देना आवश्यक है।





