
मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
सविता चड्डा जी वरिष्ठ रचनाकार हैं । इनकी प्रतिभा बहुआयामी है । गीत, कविता, कहानी, उपन्यास, लेख, संपादन एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में इनकी लेखनी अपना कमाल दिखाती है । बाल साहित्य के सृजन में भी इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।
तमाम बड़े -बड़े सम्मान/ पुरस्कार प्राप्त सविता जी की लेखनी निरंतर सृजनपथ पर अग्रसर है । इनकी लेखनी में जीवन का अनुभव, संवेदना, सरलता, संचेतना का सम्मिश्रण रहता है ।
Government Advertisement...
सविता चड्डा जी की रचनाओं की खास विशेषता है कि उनमें जीवन का अनुभव बोलता है इसीलिए साहित्य जगत में इनका नाम बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है ।
सविता जी का जन्म 28 अगस्त 1953 को पानीपत (हरियाणा) में हुआ था । वे इस समय दिल्ली में मूल रूप से रह रहीं हैं । उनकी साहित्य सृजन की विधाएं हैं – उपन्यास, कहानी, कविता, लेख व बाल साहित्य । इनका उपन्यास – ‘अठारह दिन के बाद’ काफी चर्चित उपन्यास है ।
बेटियों के प्रति इनकी लेखनी ने कमाल की रचनाओं को जन्म दिया है । अपनी बेटी की स्मृति में प्रतिवर्ष साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित करती हैं और देशभर के वरिष्ठ और नव लेखकों को एक ही मंच प्रदान करती हैं । यही इनकी खास विशेषता है ।
लोकहित के लिए समर्पित रचनाधर्मिणी सविता जी को कोटि-कोटि शुभकामनाएं । ईश्वर कृपा से सविता जी हमेशा स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें और अपनी लेखनी निरंतर चलाकर मां भारती का भंडार भरती रहें।
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »मुकेश कुमार ऋषि वर्मालेखक एवं कविAddress »संचालक, ऋषि वैदिक साहित्य पुस्तकालय | ग्राम रिहावली, डाकघर तारौली गुर्जर, फतेहाबाद, आगरा, (उत्तर प्रदेश) | मो : 9627912535Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
|---|








