January 29, 2026

Year: 2023

कर्म ही पूजा, कर्म ही शक्ति, अपना कार्य पूरी ईमानदारी और निष्ठा और कर्तव्यपरायणता के साथ कीजिये...
कविता : अंतरात्म में विवेकानंद, ज्ञान ज्योति प्रज्वलित करो और क्रोधाग्नि को शांत करो अस्तित्व स्वयं का...
कविता : भेद सभी मिटाते हैं, तोड़ ऊंच-नीच के सारे बंधन भेद सभी मिटाते हैं स्वामी जी के...
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