
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”]
विकसित भारत अभियान को सफल बनाने में युवाओं की भूमिका अहम : सयुंक्त निदेशक… कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक डॉ. दीपक पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से युवा न केवल अपने जीवन को संवार सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। #अंकित तिवारी
[/box]
Government Advertisement...
देहरादून। विकसित भारत अभियान के संदर्भ में, युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, उच्च शिक्षा के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित समारोह में, संयुक्त निदेशक डॉ. ए.एस. उनियाल ने इस महत्वपूर्ण तथ्य पर प्रकाश डाला। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे विकसित भारत अभियान में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। डॉ. उनियाल ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि युवाओं की ऊर्जा और उनकी क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जब युवा सही मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं, तो वे देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उपनिदेशक डॉ. ममता नैथानी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में जन्म लेना हमारा सौभाग्य है, और इसलिए हमारे ऊपर देश के प्रति जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती हैं। हमें अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करना चाहिए ताकि हम अपने पूर्वजों के बलिदानों को सार्थक बना सकें। समारोह में सेवा निवृत्त प्राचार्य डॉ. के. तलवाड़ और श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के डॉ. वी.पी. श्रीवास्तव ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने युवाओं को कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से समाज के समृद्ध नागरिक बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक डॉ. दीपक पांडेय ने किया। उन्होंने कहा कि कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से युवा न केवल अपने जीवन को संवार सकते हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय की महिला स्टाफ ने देशभक्ति का सुंदर गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। यह गीत हमारे देश के प्रति हमारी भावना और समर्पण को प्रदर्शित करता है। विकसित भारत अभियान की सफलता में युवाओं की भूमिका अहम है। उनके विचारों, ऊर्जा और नवाचार के बिना इस अभियान को सफल बनाना संभव नहीं है।
इसलिए, हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे युवा सही मार्गदर्शन और समर्थन प्राप्त करें, ताकि वे देश की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। स्वतंत्रता दिवस का यह समारोह हमें इस बात की याद दिलाता है कि हमारे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारियां हैं और हमें इन्हें निभाने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। कार्यक्रम में सहायक निदेशक डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. विपेन्द्र रावत, रचना कठैत, रंजना जोशी, शिव सिंह नेगी, भूपेंद्र रावत, दिलवर नेगी, योगेश गिरि, सुभाष सिंह, महेन्द्र बिष्ट और महाबीर सिंह रावत आदि उपस्थिति रहे।
https://devbhoomisamachaar.com/archives/42884





