राष्ट्रीय समाचार

जवान भाटी ने बिना दहेज जीवन संगिनी का हाथ थामा

सुनील कुमार माथुर, जोधपुर (राजस्थान)

जोधपुर। भारतीय सेना में कार्यरत जवान अजयपाल सिंह भाटी ने अपनी जीवन संगिनी का हाथ थामने के दौरान ग्यारह लाख रुपए की टीके की राशि लौटाकर शगुन के तौर पर मात्र इक्कीस रुपए की राशि एवं श्रीफल स्वीकार कर राजपूत समाज में एक आदर्श मिसाल पेश की। जोधपुर जिले की बालेसर तहसील के शूर सिंह नगर खुडियाला गांव निवासी ऑनरेरी कैप्टन नारायण सिंह भाटी के भारतीय सेना में कार्यरत बड़े पुत्र अजयपाल सिंह भाटी का विवाह 14 फरवरी 2025 को जैतारण तहसील के गांव टीबडी निवासी किशन सिंह चांदावत की पुत्री मूमल कंवर के साथ हुआ।

विवाह की रस्मों के दौरान दुल्हन मूमल कंवर के पिता किशन सिंह ने दूल्हे अजयपाल सिंह भाटी के हाथों में टीके की राशि ग्यारह लाख रुपए से भरा थाल थमाया तो देश की रक्षा के लिए हाथों में बन्दूक थामे रखने वाले सेना के जवान दूल्हे अजयपाल सिंह भाटी ने ग्यारह लाख रुपए की टीके की राशि का थाल लौटा कर शगुन के तौर पर मात्र इक्कीस रुपए एवं श्रीफल स्वीकार कर समाज में अनूठी मिसाल पेश की और अपनी गृहस्थी की गाड़ी को चलाने के लिए दूसरे पहिए मूमल कंवर का हाथ थाम कर परिणय सूत्र में बंधे।

दहेज का सामान भी नहीं लिया : राजपूत समाज के दूल्हे अजयपाल सिंह भाटी ने विवाह के दौरान लाखों रुपए का दहेज का सामान भी नहीं लिया। दुल्हन के पिता किशन सिंह चांदावत ने अपने घर की ‘ मर्यादा ‘ मूमल कंवर को शगुन के तौर पर पांच वस्तुएं प्रदान कर ससुराल के लिए विदा किया। दूल्हे के रिश्तेदार चंदन सिंह भाटी कपूरिया ने कहा कि यह विवाह राजपूत समाज में दहेज प्रथा को रोकने के लिए अनूठी पहल है। इससे समाज को नई दिशा एवं युवाओं को प्रेरणा मिलेगी।

दादोसा से प्रेरणा ली : यहां यह उल्लेखनीय है कि जोधपुर में लाल सागर क्षेत्र की बृज बावड़ी कालोनी में रह रहे खुडियाला निवासी ऑनरेरी कैप्टन नारायण सिंह भाटी की पुत्री सुमन कंवर का विवाह पांच फरवरी 2022 को जोधपुर की बी.जे. एस. कालोनी में रह रहे अरविन्द सिंह राठौड़ के साथ हुआ था। तब दूल्हे बने अरविन्द सिंह राठौड़ ने भी भारतीय सेना में रहे अपने दादोसा स्वर्गीय भैरु सिंह जी राठौड़ ( जालसू ) पुत्र स्वर्गीय मेजर नाथू सिंह जी की प्रेरणा से अपने विवाह के दौरान टीके के राशि एवं दहेज लेने से पहले ही मना कर दिया था। उस दौरान सेना में कार्यरत खुडियाला निवासी नारायण सिंह भाटी ने अपने पुत्रों के विवाह के दौरान लाखों रुपए की टीके की राशि एवं दहेज नहीं लेने का मानस बना लिया था। इसी के चलते नारायण सिंह भाटी ने सेना में कार्यरत अपने बड़े पुत्र अजयपाल सिंह के विवाह में टीके की राशि व दहेज नही लिया।

देश की सीमा के रखवाले : यहां यह भी उल्लेखनीय है कि अजयपाल सिंह भाटी के छोटे भाई भोपेन्द्र सिंह भाटी भारतीय जल सेना में कार्यरत है। दादोसा भंवर सिंह भाटी भारतीय सेना में थे। नानोसा किशोर सिंह राठौड़ ( करणू )भी सीमा सुरक्षा बल में कार्यरत रह कर देश की सीमाओं की रक्षा कर चुके है। यह जानकारी पत्रकार गोपाल सिंह राठौड़ ने हमारे जोधपुर संवाददाता व साहित्यकार सुनील कुमार माथुर को दी।


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