
डॉ. एमडी सिंह
जीवन जग मे
अनहद मग में
निकल पड़ा यायावर मन है
पथ प्रांण है
दृश्य सखा है
लक्ष्य है दर्शन
पथी अथक यायावर मन है
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भूख भाव है
तृष्णा भाषा
शब्द आकर्षण
गीत गढ़ रहा गगन
छंद घटक यायावर मन है
घोष दिशाएं
श्रुति सृष्टि है
मोहक लोक परलोक
सम्मोहित भटक रहा वह
घट-घट एकल-एकल
बेकल बहुत यायावर मन है
योग त्रिभुज
धारणा वृत्त
ध्यान केंद्र है
समाधि साक्षात्कार स्वयं से
जीव चेतना जीवन जगत
परम ब्रह्म है मुक्ति
मोक्ष लोलुप यायावर मन है
¤ प्रकाशन परिचय ¤
![]() | From »डॉ. एम.डी. सिंहलेखक एवं कविAddress »महाराज गंज, गाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश)Publisher »देवभूमि समाचार, देहरादून (उत्तराखण्ड) |
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