
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर माफी मांगते हुए कहा कि देश की सभी बहन-बेटियां उनके लिए समान हैं। उन्होंने विपक्ष पर उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।
- बिहार की महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर बढ़ा सियासी विवाद
- विपक्ष पर बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप
- सोमेश्वर दौरे के दौरान दिए गए बयान पर सफाई
- ठेस पहुंचने पर हाथ जोड़कर माफी मांगने की बात कही
देहरादून। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू ने बिहार की महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। उन्होंने कहा कि उनका बयान गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है और विपक्ष इसे तोड़-मरोड़ कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है।
गिरधारी लाल साहू ने बताया कि वे विगत दिनों सोमेश्वर विधानसभा के दौलाघट क्षेत्र में आयोजित माताओं-बहनों एवं बुजुर्गों के स्वागत समारोह में मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल के आमंत्रण पर शामिल हुए थे। इसी कार्यक्रम के दौरान उनके संबोधन के कुछ अंशों को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है। उनका कहना है कि बिहार की महिलाओं के संबंध में कही गई बातों को वास्तविक संदर्भ से अलग कर प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सोमेश्वर विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश की सभी बेटियों को देवी के समान सम्मान देते हैं। अपने सामाजिक कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बरेली में प्रतिवर्ष श्रीरामलीला आयोजन के दौरान वे 101 निर्धन बेटियों के विवाह का आयोजन कराते हैं, जो उनके महिला सम्मान के दृष्टिकोण को दर्शाता है।
गिरधारी लाल साहू ने कहा कि देश की समस्त बहन-बेटियां उनकी अपनी बहन-बेटियों के समान हैं। इसके बावजूद कांग्रेस सहित विपक्षी दल उनके बयान को जानबूझकर गलत ढंग से पेश कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि उनके किसी भी शब्द से किसी व्यक्ति, समाज या वर्ग की भावना को ठेस पहुंची है या किसी को बुरा लगा है, तो वे हाथ जोड़कर सभी से क्षमा मांगते हैं।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चाओं पर कुछ हद तक विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है, हालांकि विपक्ष की ओर से अब भी इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।





