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वाराणसी पुलिस ने दो किशोरों से यौन शोषण के आरोपी क्रिकेट कोच मुरारीलाल गोंड़ को लंका के सीरगोवर्धन क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि पिछले पांच वर्षों में वह 500 से अधिक बच्चों को अपना शिकार बना चुका है।
- वाराणसी में पॉक्सो आरोपी क्रिकेट कोच मुरारीलाल गिरफ्तार
- पांच साल में 500 से अधिक बच्चों का शोषण: कोच ने पुलिस के सामने किया खुलासा
- अंडर-14 चयन के बहाने किशोरों से दुष्कर्म, आरोपी को कोर्ट ने भेजा जेल
- वाराणसी में बाल शोषण का बड़ा खुलासा, कोच मुरारीलाल की काली करतूतें सामने
वाराणसी | वाराणसी में बाल संरक्षण कानून पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज एक गंभीर मामले में शनिवार को पुलिस ने एक ऐसे आरोपी क्रिकेट कोच को गिरफ्तार किया है, जिसकी करतूतों ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। भेलूपुर पुलिस ने लंका क्षेत्र के सीरगोवर्धन से मुरारीलाल गोंड़ उर्फ गौतम को गिरफ़्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। जंसा थाना क्षेत्र के मीरावन का रहने वाला और वर्तमान में सीरगोवर्धन में रह रहा यह कोच पहले भी इसी तरह के अपराधों में पकड़ा जा चुका है। चार साल पहले पॉक्सो के एक मामले में वह जेल भी गया था, लेकिन उसके बाद भी उसने कृत्य करना नहीं छोड़ा।
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पुलिस पूछताछ में मुरारीलाल का स्वीकारोक्ति बयान और भी भयावह रहा। उसने कबूल किया कि पिछले पाँच वर्षों में वह 500 से अधिक बच्चों के साथ गलत हरकत कर चुका है। बच्चों को क्रिकेट के अभ्यास, ट्रेनिंग और अंडर-14 टीम में चयन का लालच देकर वह उनका शोषण करता था। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने बताया कि आरोपी बच्चों को खेल में आगे बढ़ाने का सपना दिखाकर उन्हें अपनी गिरफ्त में लेता था। पीड़ित किशोरों और उनके परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर भेलूपुर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
भेलूपुर इंस्पेक्टर सुधीर कुमार त्रिपाठी की टीम ने लगातार निगरानी और दबिश के बाद मुरारीलाल को सीरगोवर्धन क्षेत्र से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने न सिर्फ मौजूदा आरोपों को स्वीकारा बल्कि यह भी बताया कि वह कई वर्षों से किशोरों को ही निशाना बना रहा था। उसका कहना था कि कम उम्र के बच्चे अक्सर खुलकर कुछ कहते नहीं थे, इसी वजह से उसका मन बढ़ता गया और उसने यह घिनौना कृत्य जारी रखा।
पुराने रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि 2021 में भी वह बच्चों के एडमिशन के नाम पर बीएचयू केंद्रीय विद्यालय परिसर में अप्राकृतिक दुष्कर्म के मामले में लंका पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। उसकी आपराधिक गतिविधियों और लगातार गलत हरकतों के कारण उसकी पत्नी ने कोविड काल से पहले ही उससे तलाक ले लिया था। आरोपी के खिलाफ भेलूपुर और लंका थानों में पॉक्सो सहित कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं।
गिरफ्तारी के बाद जब मुरारीलाल को मीडिया के सामने पेश किया गया, तो वह घुटनों के बल गिर पड़ा। हाथ जोड़कर रोते हुए उसने पुलिसकर्मियों से माफी मांगी, और कहा कि उसे अपने किए पर पछतावा है तथा अब उसे जीने की इच्छा नहीं है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट कर दिया कि उसके भावुक होने या पछतावे का इस गंभीर मामले में कोई महत्व नहीं है। कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और पीड़ित बच्चों को न्याय दिलाया जाएगा।
यह मामला न केवल वाराणसी बल्कि पूरे प्रदेश में बाल संरक्षण की व्यवस्था और खेल प्रशिक्षण वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अब आरोपी के पिछले संपर्कों, कोचिंग गतिविधियों और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए जाँच को और विस्तार दे रही है।







