
उत्तराखंड में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में शीतलहर और घने कोहरे से ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है।
- बर्फबारी के बाद प्रदेश में ठंड और बढ़ी
- मैदानी जिलों में घना कोहरा, शीत दिवस जैसे हालात
- छह जिलों में येलो अलर्ट जारी
- गंगोत्री में नदियां-नाले जमे, तापमान माइनस में
- पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव
देहरादून। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हुई हल्की बर्फबारी के बाद उत्तराखंड में ठंड का असर और तेज हो गया है। मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा छाए रहने से आज भी शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून सहित हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चम्पावत और पौड़ी जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया है।
कोहरे और शीतलहर के कारण दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं सुबह के समय दृश्यता भी काफी कम रही। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
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❄️ पहाड़ों में जमी नदियां-नाले – उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री धाम में बर्फबारी नहीं होने के बावजूद कड़ाके की ठंड से छोटी-बड़ी नदियां और नाले जम गए हैं। यहां तापमान शून्य से माइनस 11–12 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है।
शामली में दुकान कब्जे को लेकर साधु-संत और व्यापारी आमने-सामने
भागीरथी नदी में पानी का बहाव बेहद कम हो गया है, जबकि केदार गंगा, ऋषिकुर नाला, पागल नाला और चीड़बासा नाला पूरी तरह जम चुके हैं। पानी की आपूर्ति के लिए पाले को आग से पिघलाकर व्यवस्था की जा रही है।
🕉️ कड़ाके की ठंड में भी साधना जारी – कठिन मौसम के बावजूद गंगोत्री धाम में करीब 25 साधु-संत साधनारत हैं। वहीं बर्फ न गिरने से क्षेत्र के सेब बागवान और काश्तकारों में निराशा भी देखी जा रही है।





