
प्रदेश में पंचायत घरों के निर्माण के लिए राज्य सरकार अब दोगुनी धनराशि देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जाएगा।
- पंचायत घरों के लिए राज्य सरकार बढ़ाएगी अनुदान राशि
- सीएम धामी के निर्देश पर पंचायत विभाग ने भेजा प्रस्ताव
- 803 ग्राम पंचायतों में अब तक नहीं बने पंचायत घर
- वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव
देहरादून। उत्तराखंड में ग्राम पंचायतों की आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पंचायत घरों के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली धनराशि को दोगुना करने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है।
वर्तमान में पंचायत घरों के निर्माण के लिए राज्य सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है, जबकि केंद्र सरकार इस मद में 20 लाख रुपये देती है। कम धनराशि के कारण कई ग्राम पंचायतों में पंचायत घरों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। इसी समस्या को देखते हुए राज्य सरकार भी केंद्र के समान 20 लाख रुपये देने की तैयारी कर रही है।
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पंचायती राज विभाग के उप निदेशक मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि पंचायत घरों के निर्माण के लिए धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। प्रस्ताव के लागू होने से प्रदेश की सैकड़ों ग्राम पंचायतों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी प्रदेश की 803 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर नहीं हैं। इसके अलावा कई पंचायत भवन जर्जर अवस्था में हैं। विभाग के अनुसार प्रदेश में 1300 से अधिक पंचायत घरों का निर्माण होना प्रस्तावित है। इस संबंध में सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है।
सरकार का मानना है कि पंचायत घरों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीणों को अपने ही गांव में सुविधाएं उपलब्ध होंगी।






