
उत्तराखंड सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायीकरण को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से शिक्षकों में उत्साह है और राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता के सुदृढ़ होने की उम्मीद है।
- डॉ. धन सिंह रावत ने 268 शिक्षकों के स्थायीकरण प्रस्ताव को दी स्वीकृति
- राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षकों में खुशी की लहर
- 13 विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिलेगा स्थायी सेवा लाभ
- स्थायीकरण से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता होगी और मजबूत
देहरादून| उत्तराखंड सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों के स्थायीकरण को मंजूरी प्रदान कर दी है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभाग द्वारा प्रस्तुत स्थायीकरण प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। सभी असिस्टेंट प्रोफेसर प्रदेश के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात हैं और उन्होंने अपनी द्विवर्षीय परिवीक्षा अवधि संतोषजनक रूप से पूर्ण कर ली है। राज्य सरकार के इस निर्णय से शिक्षकों में उत्साह का माहौल है।
स्थायी नियुक्ति मिलने पर असिस्टेंट प्रोफेसरों ने राज्य सरकार और उच्च शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्त किया है। सरकार का मानना है कि समयबद्ध स्थायीकरण से शिक्षकों को सेवा सुरक्षा मिलेगी, जिससे वे अधिक मनोयोग से शिक्षण, नवाचार और शोध गतिविधियों में योगदान दे सकेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शिक्षकों को स्थायी और सुरक्षित सेवा वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता में रखा गया है।
स्थायीकरण का लाभ पाने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति वर्ष 2020 से 2022 के बीच हुई थी, जिन्हें उत्तराखंड सरकारी सेवक स्थायीकरण नियमावली-2002 के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है। स्थायी किए गए 268 असिस्टेंट प्रोफेसरों में 13 विभिन्न विषयों के शिक्षक शामिल हैं।
इनमें राजनीति विज्ञान और हिंदी के 71-71, अर्थशास्त्र एवं संस्कृत के 35-35, शिक्षा शास्त्र के 26, गृह विज्ञान के 13, समाजशास्त्र के पांच, इतिहास के चार, भूगोल और भौतिक विज्ञान के दो-दो तथा रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान और अंग्रेजी के एक-एक असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक निरंतरता सुनिश्चित होगी और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।





