
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के पांच जिलों के 19 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए 4.12 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इससे विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाएं मजबूत होंगी और छात्रों को बेहतर व सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।
- शिक्षा विभाग के 19 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए मंजूर हुआ बजट
- पिथौरागढ़ और पौड़ी गढ़वाल में सबसे अधिक स्कूलों का होगा विकास
- देहरादून के तीन विद्यालयों के लिए 69 लाख रुपये स्वीकृत
- पेयजल निगम और ग्रामीण निर्माण विभाग करेंगे निर्माण कार्य
देहरादून| उत्तराखंड के प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले 19 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की तस्वीर अब बदलने जा रही है। राज्य सरकार ने इन विद्यालयों के भवनों के पुनर्निर्माण, मरम्मत, कक्षा-कक्ष निर्माण और अन्य अवस्थापना सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 4 करोड़ 12 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इसके साथ ही निर्माण कार्यों के लिए कार्यदायी संस्थाओं को भी नामित कर दिया गया है।
विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्राथमिक विद्यालयों में बेहतर भौतिक संसाधन और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी लक्ष्य के तहत प्रदेश के पांच जनपदों के 19 राजकीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि पिथौरागढ़ जनपद के पांच विद्यालयों के लिए विभिन्न निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की स्वीकृति दी गई है। वहीं पौड़ी गढ़वाल जनपद के दस विद्यालयों में कक्षा-कक्ष, प्रधानाध्यापक कक्ष और अन्य भवनों का निर्माण व अनुरक्षण किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त ऊधमसिंह नगर के दो विद्यालयों तथा रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जनपद के एक-एक विद्यालय में भी मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य होंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि इन सभी कार्यों के लिए राज्य सेक्टर के वृहद निर्माण मद से बजट उपलब्ध कराया गया है। पेयजल निगम और ग्रामीण निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था के रूप में नामित किया गया है, ताकि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध ढंग से पूरे किए जा सकें।
देहरादून जनपद के रायपुर विकासखंड के तीन राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के लिए विशेष रूप से 69.16 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इनमें राजकीय प्राथमिक विद्यालय तुनवाला-2, आराघर-2 तथा राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय आराघर धर्मपुर शामिल हैं। इन विद्यालयों में मरम्मत, भवन सुधार और आवश्यक निर्माण कार्य किए जाएंगे, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
सरकार का कहना है कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे और तय समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे, ताकि प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ सुरक्षित और सुविधाजनक विद्यालय भवन उपलब्ध हो सकें।





