
नए साल से पहले उत्तराखंड सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए आठ अपर सचिवों को सचिव पद पर पदोन्नति दी है। इसके साथ ही नौ आईपीएस और कई आईएफएस अधिकारियों को भी उच्च पदों पर प्रमोशन दिया गया है।
- एक जनवरी से बदलेगा उत्तराखंड का प्रशासनिक ढांचा
- 2010 बैच के आठ आईएएस को मिली सचिव पद की जिम्मेदारी
- आईपीएस कैडर में बड़े स्तर पर पदोन्नति, एडीजी से डीजी तक प्रमोशन
- आईएफएस अधिकारियों को भी ग्रेड प्रमोशन की सौगात
देहरादून। नए वर्ष 2026 की शुरुआत उत्तराखंड के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए खुशखबरी लेकर आ रही है। राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर पदोन्नतियां देते हुए आठ अपर सचिवों को सचिव पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह पदोन्नति एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
सोमवार को मुख्य सचिव श्री आनंदबर्द्धन की अध्यक्षता में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) की अलग-अलग विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की गई। इसके साथ ही भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारियों की डीपीसी भी प्रस्तावित की गई है।
Government Advertisement...
आठ आईएएस बनेंगे सचिव – 2010 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. अहमद इकबाल, ईवा श्रीवास्तव, सोनिका, रंजना राजगुरु, आनंदस्वरूप, देवकृष्ण तिवारी, उमेश नारायण पांडे और राजेंद्र कुमार को सचिव पद पर पदोन्नति दी गई है। वर्तमान में ये सभी अधिकारी अपर सचिव के पद पर कार्यरत हैं। आईएएस अधिकारी ईवा श्रीवास्तव वर्तमान में केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर हैं, उन्हें परफॉर्मा पदोन्नति प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त मयूर दीक्षित, वंदना, विनीत कुमार, रीना जोशी और आनंद श्रीवास्तव को सेलेक्शन ग्रेड में लेवल-12 से लेवल-13 में पदोन्नत किया गया है। नौ आईपीएस अधिकारियों को मिला प्रमोशन, राज्य पुलिस सेवा में भी बड़े स्तर पर पदोन्नति की गई है।
- अभिनव कुमार को एडीजी से डीजी
- निवेदिता कुकरेती को डीआईजी से आईजी
- प्रहलाद मीणा को एसएसपी से डीआईजी
- बरिंदरजीत सिंह और पी. रेणुका देवी को डीआईजी से आईजी
- प्रीति प्रियदर्शिनी और यशवंत चौहान को एसएसपी से डीआईजी
- तृप्ति भट्ट और रामचंद्र राजगुरु को एसपी से एसएसपी पद पर पदोन्नति दी गई है
बरिंदरजीत सिंह और पी. रेणुका देवी वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिन्हें परफॉर्मा प्रमोशन दिया गया है। वहीं, अर्पण यदुवंशी को सेलेक्शन ग्रेड प्रदान किया गया है। इसके अलावा पांच आईएफएस अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड तथा तीन आईएफएस अधिकारियों को सीनियर ग्रेड दिए जाने का निर्णय लिया गया है। सरकार के इस फैसले से राज्य प्रशासन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति से शासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत व प्रभावी बनाने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






