
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में रिक्त 1046 पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से शीघ्र भर्ती करेगा। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को प्रक्रिया तेज कर युवाओं को जल्द नियुक्ति देने के निर्देश दिए हैं।
- स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्सिंग से 1046 पदों पर भर्ती
- 680 वार्ड ब्वाय और 366 पर्यावरण मित्र के पद होंगे भरे
- स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दिए शीघ्र भर्ती के निर्देश
- जिला अस्पतालों में सफाई और सेवाओं को मिलेगी मजबूती
देहरादून। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग राज्य की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में रिक्त चल रहे वार्ड ब्वाय और पर्यावरण मित्र के कुल 1046 पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से शीघ्र भर्ती करने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए न केवल आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, बल्कि मानव संसाधन और स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पदों का पूरा विवरण – प्रस्तावित भर्ती के अंतर्गत 680 पद वार्ड ब्वाय, 366 पद पर्यावरण मित्र के शामिल हैं। वार्ड ब्वाय के रिक्त पदों में हरिद्वार में 89, नैनीताल में 196, पौड़ी में 40, चमोली में 131, उत्तरकाशी में 38, अल्मोड़ा में 31, बागेश्वर में 10, पिथौरागढ़ में 99, चंपावत में 25 और स्वास्थ्य महानिदेशालय में 21 पद शामिल हैं। वहीं पर्यावरण मित्र के पदों में हरिद्वार में 21, नैनीताल में 136, पौड़ी में 37, चमोली में 43, उत्तरकाशी में 36, अल्मोड़ा में 16, बागेश्वर में 15, पिथौरागढ़ में 43, चंपावत में 15 और स्वास्थ्य महानिदेशालय में चार पद रिक्त हैं।
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युवाओं को मिलेगा रोजगार – स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द उपयुक्त आउटसोर्स एजेंसी का चयन कर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। इससे एक ओर जहां अस्पतालों में मरीजों की देखभाल और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, वहीं दूसरी ओर बेरोजगार युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।
सरकार का मानना है कि इन भर्तियों के पूरा होने से प्रदेश के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा और मरीजों को अधिक स्वच्छ, सुरक्षित और सुचारु स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।





