
उत्तराखंड में यातायात नियमों के उल्लंघन पर पहली बार भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। देहरादून के लालतप्पड़ क्षेत्र में गलत दिशा में तेज रफ्तार से कार चलाने वाले चालक के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।
- लालतप्पड़ हाईवे पर खतरनाक ड्राइविंग, कार चालक पर दर्ज हुआ मुकदमा
- अब चालान नहीं, गंभीर यातायात उल्लंघन पर सीधे केस
- गलत दिशा में तेज रफ्तार से आ रही कार सीज, चालक गिरफ्तार
- सड़क सुरक्षा को लेकर दून पुलिस का बड़ा कदम, बीएनएस धाराओं में कार्रवाई
डोईवाला (देहरादून)। उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाया है। यातायात नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में देहरादून पुलिस ने पहली बार भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला डोईवाला कोतवाली क्षेत्र के लालतप्पड़ हाईवे का है, जहां एक कार चालक को गलत दिशा में तेज और लापरवाही से वाहन चलाते हुए पकड़ा गया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि लालतप्पड़ क्षेत्र में हाईवे पर एक टाटा टियागो कार हरिद्वार की ओर से विपरीत दिशा में तेज रफ्तार से आती हुई दिखाई दी। यह न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन था, बल्कि इससे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों की जान को गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को रोककर चालक को हिरासत में लिया और कार को सीज कर दिया।
चालक की पहचान विशाल, निवासी नक्षत्र वाटिका, ज्वालापुर (हरिद्वार) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चालक लापरवाहीपूर्वक वाहन चला रहा था और हाईवे पर दुर्घटना की बड़ी आशंका बनी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक ऐसे मामलों में केवल मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के तहत चालान की कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब गंभीर और जानलेवा यातायात उल्लंघनों पर सीधे मुकदमा दर्ज करने की नीति अपनाई जा रही है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और लापरवाह ड्राइविंग पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
दून पुलिस का कहना है कि “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्राथमिक जिम्मेदारी है। गलत दिशा में वाहन चलाना, तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग जैसे मामलों में अब किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों में डर के साथ-साथ जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। यह पहला मुकदमा आने वाले समय में सड़क सुरक्षा को लेकर सख्ती की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।





