
देहरादून में ट्रांसपोर्ट नगर से दून एक्सप्रेस पार्क के बीच पैदल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने लोक निर्माण विभाग के सचिव को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि हाईवे पार करते समय पैदल यात्रियों को गंभीर खतरे का सामना करना पड़ता है।
- पैदल यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा: दून एक्सप्रेस पार्क मार्ग पर पुल के आदेश
- हाईवे पार करना बना खतरा, मानवाधिकार आयोग ने PWD को दिए निर्देश
- ट्रांसपोर्ट नगर–दून एक्सप्रेस पार्क पैदल पुल पर आयोग सख्त
- मानवाधिकार आयोग की पहल: पैदल यात्रियों को मिलेगा सुरक्षित रास्ता?
देहरादून। ट्रांसपोर्ट नगर से दून एक्सप्रेस पार्क के बीच पैदल चलने वालों की सुरक्षा का मुद्दा अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। मेहूवाला, देहरादून निवासी मनीष गुप्ता द्वारा की गई शिकायत पर उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने गंभीर रुख अपनाते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मानवाधिकार आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार शिकायतकर्ता ने आयोग को अवगत कराया कि ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र से दून एक्सप्रेस पार्क तक जाने के लिए पैदल यात्रियों को व्यस्त हाईवे पार करना पड़ता है, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग का उपयोग बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, मजदूर, कर्मचारी और आम नागरिक करते हैं, लेकिन पैदल पुल या सुरक्षित क्रॉसिंग की कोई व्यवस्था नहीं है।
Government Advertisement...
आयोग में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में कहा गया कि सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पैदल चलने वालों, विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण हो गई है। शिकायतकर्ता ने इसे मानवाधिकार और जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय बताते हुए पैदल पुल के निर्माण की मांग की।
इस पर उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने दिनांक 16 दिसंबर 2025 को सुनवाई के बाद आदेश पारित करते हुए कहा कि शिकायत की प्रति सचिव, लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड शासन, देहरादून को भेजी जाए। आयोग ने निर्देश दिए कि इस मामले में नियमानुसार और विधिसम्मत आवश्यक कार्रवाई की जाए। आयोग स्तर से फिलहाल कोई अतिरिक्त कार्रवाई अपेक्षित नहीं मानते हुए पत्रावली निस्तारित कर दी गई है।
अब गेंद लोक निर्माण विभाग के पाले में है। यदि विभाग द्वारा समय रहते कदम उठाए जाते हैं, तो यह पुल न केवल दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक होगा, बल्कि क्षेत्र के हजारों पैदल यात्रियों को राहत भी देगा।





