
उत्तराखंड भाजपा के नेता अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पश्चिम बंगाल, असम और केरल में अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं, जबकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बतौर स्टार प्रचारक जल्द जनसभाएं करेंगे। संगठन अपनी रणनीति को मजबूत करने के साथ आगामी चुनावों और विशेष पुनरीक्षण अभियान की भी तैयारी कर रहा है।
- भाजपा ने बंगाल, असम और केरल में भेजीं टीमें
- बूथ प्रबंधन में उत्तराखंड भाजपा की बढ़ी भूमिका
- सीएम धामी जल्द करेंगे चुनावी जनसभाएं
- SIR की तैयारी में जुटा संगठन, कार्यशालाएं शुरू
नैनीताल: उत्तराखंड से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के नेता अब दूसरे राज्यों के विधानसभा चुनावों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पार्टी के अनुभवी पदाधिकारी विभिन्न राज्यों में बूथ प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिससे संगठन की रणनीतिक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिल रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, असम और केरल में उत्तराखंड भाजपा की अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं। इन टीमों का मुख्य कार्य बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना, मतदाता संपर्क बढ़ाना और चुनावी प्रबंधन को प्रभावी बनाना है।
पार्टी का मानना है कि उत्तराखंड भाजपा ने पिछले चुनावों में बूथ प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, जिसके चलते केंद्रीय नेतृत्व ने इस बार भी राज्य के नेताओं को अन्य राज्यों में जिम्मेदारी सौंपी है। पश्चिम बंगाल में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में टीम भेजी गई है, वहीं असम में 15 सदस्यीय दल और केरल में भी एक पदाधिकारी को तैनात किया गया है। इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी बतौर स्टार प्रचारक चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी है।
बताया जा रहा है कि वे जल्द ही पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में चुनावी जनसभाएं करेंगे, जहां वे पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास करेंगे। भाजपा संगठन केवल बाहरी राज्यों में ही नहीं, बल्कि राज्य के भीतर भी अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटा है। चुनाव आयोग द्वारा प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री धामी की मौजूदगी में विधायकों और मंत्रियों की कार्यशाला आयोजित की जा चुकी है, जबकि अब बूथ लेवल एजेंट (BLA) और पन्ना प्रमुखों के प्रशिक्षण पर जोर दिया जा रहा है।
जिला स्तर पर भी संगठन को सक्रिय किया जा रहा है, ताकि आगामी चुनावी चुनौतियों का सामना मजबूती से किया जा सके। पार्टी का मानना है कि बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ ही चुनावी सफलता की कुंजी है, और इसी रणनीति के तहत उत्तराखंड भाजपा को राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।





