
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 14 फरवरी को देहरादून में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में कोर कमेटी की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और पहले सर्वे के निष्कर्षों पर मंथन होगा।
- जेपी नड्डा की अध्यक्षता में होगी भाजपा कोर कमेटी की बैठक
- विधानसभा चुनाव से पहले सीट-वार रणनीति पर मंथन
- संगठन और सरकार के तालमेल पर तय होंगे दिशा-निर्देश
- मंत्रियों-विधायकों को अपनी सीट से ही तैयारी के निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में भाजपा की कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक 14 फरवरी को देहरादून में आयोजित की जाएगी। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा करेंगे। बैठक से पहले एक-दो दिन के भीतर राज्य कोर कमेटी की औपचारिक घोषणा किए जाने की संभावना है। भाजपा के लिए कोर कमेटी की बैठक को विधानसभा चुनाव की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
इस मंच पर राज्य से जुड़े बड़े राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होती है। बैठक में संभावित गठबंधन, प्रमुख चुनावी अभियानों की दिशा, संगठन की प्राथमिकताएं और चुनावी रोडमैप पर मंथन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी विधानसभा चुनाव से पहले सीट-वार रणनीति तैयार करेगी। इसमें उम्मीदवारों के चयन की रूपरेखा, प्रचार के प्रमुख मुद्दे, कमजोर और मजबूत क्षेत्रों की पहचान तथा जिला, मंडल और बूथ स्तर तक संगठन की स्थिति की समीक्षा शामिल होगी। इसके साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में संगठन मजबूत है और कहां सुधार की आवश्यकता है।
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बैठक में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे। मंत्रियों और संगठन पदाधिकारियों की भूमिका पर चर्चा होगी, ताकि चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा जा सके। साथ ही यह तय किया जाएगा कि केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को आम जनता तक किस तरह पहुंचाया जाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि पार्टी का पहला राज्य स्तरीय सर्वे पूरा हो चुका है और उसके इनपुट्स को कोर कमेटी के सामने रखा जाएगा। इन निष्कर्षों के आधार पर संगठन अपनी रणनीति को और मजबूत करेगा।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दूसरे चरण का सर्वे जल्द शुरू किया जाएगा, जबकि केंद्रीय नेतृत्व का सर्वे अलग से होगा। उनका कहना है कि सभी प्रयासों का उद्देश्य पार्टी को चुनाव में विजय दिलाना है। महेंद्र भट्ट ने मीडिया से बातचीत में यह भी साफ कर दिया कि विधायक हों या मंत्री, सभी को अपनी-अपनी सीट से ही चुनाव की तैयारी करनी होगी। संगठन ने अभी से यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि चुनाव से पहले सीट बदलने का कोई विकल्प नहीं होगा। भाजपा के इस रुख को आगामी चुनाव के लिए अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।





