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उत्तराखंड परिवहन निगम पहली बार लंबी दूरी के लिए एसी स्लीपर कोच बसें शुरू कर रहा है, जिससे देहरादून और हल्द्वानी से जयपुर व कानपुर की यात्राएं अधिक आरामदायक होंगी। निगम ने कुल 26 नई अनुबंधित बसें ली हैं, जिनमें स्लीपर और एसी डीलक्स दोनों शामिल हैं, ताकि यात्रियों को सस्ती और बेहतर सुविधा मिल सके।
- देहरादून और हल्द्वानी से जयपुर व कानपुर के लिए छह नई स्लीपर बसें होंगी संचालित
- दिल्ली, आगरा, लखनऊ और गुरुग्राम रूट पर भी दौड़ेंगी 20 नई एसी डीलक्स बसें
- वोल्वो किराया महंगा, निजी डग्गामार बसों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच निगम की नई पहल
- यात्री संख्या में गिरावट और घाटे को देखते हुए UKRTC ने बढ़ाया एसी बसों का बेड़ा
देहरादून। लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड परिवहन निगम ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एसी स्लीपर कोच बसों के संचालन की घोषणा की है। यह पहली बार है जब निगम इस तरह की बसें अपनी लंबी दूरी की सेवाओं में शामिल कर रहा है। गुरुवार से इन नई अनुबंधित बसों की आपूर्ति दून पहुंचनी शुरू हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रा सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
निगम द्वारा पहले चरण में छह एसी स्लीपर कोच बसें अनुबंध पर ली गई हैं। इनमें से चार बसें देहरादून से जयपुर और कानपुर के लिए चलेंगी, जबकि दो बसें हल्द्वानी से जयपुर मार्ग पर संचालित होंगी। इन बसों में यात्रियों के लिए स्लीपर बेड, पर्याप्त लेगरूम और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे वे रात में लेटकर आराम से लंबी दूरी की यात्रा कर सकेंगे।
इसके साथ ही निगम ने 20 एसी डीलक्स बसें भी अनुबंध पर ली हैं, जिनका संचालन दिल्ली, आगरा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और लखनऊ के लिए किया जाएगा। टू-बाई-टू सीटिंग वाली ये एसी बसें किराए में वोल्वो बसों के मुकाबले काफी सस्ती होंगी, जिससे आम यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में UKRTC की बसें मुख्य रूप से दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़ और कटरा जैसे मार्गों पर संचालित होती हैं और इनमें सुपर डीलक्स वोल्वो बसें शामिल हैं, जिनका किराया साधारण बसों की तुलना में ढाई से तीन गुना अधिक है। जनरथ एसी बसों का संचालन करीब पांच वर्ष पूर्व अनुबंध समाप्त होने के बाद बंद कर दिया गया था। इस कारण यात्रियों को वैकल्पिक रूप में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की एसी जनरथ बसों या निजी डग्गामार एसी-स्लीपर बसों में यात्रा करनी पड़ती थी, जिनका किराया कम होने के कारण वे अधिक लोकप्रिय हो गईं।
निजी बसों की प्रतिस्पर्धा, यात्रियों की घटती संख्या और परिवहन निगम के बढ़ते आर्थिक घाटे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। निगम के महाप्रबंधक क्रांति सिंह के अनुसार, नए बेड़े में शामिल स्लीपर बसें जयपुर और कानपुर मार्गों पर चलाई जाएंगी, जबकि एसी डीलक्स बसें दिल्ली, आगरा और अन्य प्रमुख शहरों के लिए सेवा देंगी। यदि परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो आने वाले समय में इन बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
यह कदम न केवल यात्रियों को अधिक विकल्प प्रदान करेगा, बल्कि परिवहन निगम की आय में भी सुधार ला सकता है। नए बेड़े के आने से राज्य में इंटरसिटी यात्रा अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और आधुनिक बनेगी।





