
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में तीन दिनों से ऊंची चट्टान पर फंसी छह बकरियों को बचाने के लिए SDRF को बुलाना पड़ा। ग्रामीणों के प्रयास असफल रहने के बाद टीम ने जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस दौरान तीन बकरियों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि दो की मौत हो गई और एक लापता है।
- 20 मीटर से अधिक ऊंची चट्टान पर तीन दिन फंसी थीं छह बकरियां
- पिथौरागढ़ के बलुवाकोट क्षेत्र का मामला
- ग्रामीणों की कोशिश नाकाम, SDRF ने संभाला मोर्चा
- रेस्क्यू में तीन बकरियां सुरक्षित, दो की मौत, एक लापता
बलुवाकोट (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ से एक अनोखा और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू मामला सामने आया है। धारचूला तहसील के अंतर्गत बलुवाकोट ग्राम पंचायत के रौंझाड़ गांव में तीन दिनों से 20 मीटर से अधिक ऊंची खड़ी चट्टान पर फंसी छह बकरियों को बचाने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को बुलाना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, चरवाहे गोपाल दत्त भट्ट की बकरियां पंथागांव के समीप जंगल में चरते हुए एक अत्यंत दुर्गम और खतरनाक चट्टान पर चढ़ गईं। ऊंचाई और सीधी चट्टान होने के कारण बकरियों का नीचे उतरना असंभव हो गया। नीचे से उनकी लगातार मिमियाहट सुनकर चरवाहे और ग्रामीणों ने उन्हें बचाने के कई प्रयास किए, लेकिन जोखिम अधिक होने के कारण कोई सफल नहीं हो सका।
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स्थिति गंभीर होती देख प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद SDRF की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने विशेष उपकरणों और रस्सियों की मदद से कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान तीन बकरियों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, लेकिन दुर्भाग्यवश दो बकरियां संतुलन बिगड़ने से गिर गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं एक बकरी अब भी लापता बताई जा रही है।
इस अनोखे रेस्क्यू ऑपरेशन ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ग्रामीणों ने SDRF की तत्परता और साहस की सराहना की है। प्रशासन का कहना है कि लापता बकरी की तलाश के प्रयास जारी हैं।





