
उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने में महिलाएं अभी भी पुरुषों से पीछे हैं। लोक सेवा आयोग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 की भर्तियों में कुल आवेदनों में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत रही, जबकि पुरुषों की संख्या 60 प्रतिशत रही। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पिछले वर्षों में विभिन्न विभागों में हजारों पदों पर भर्ती की गई है।
- सरकारी भर्तियों में पुरुषों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत
- लोक सेवा आयोग की रिपोर्ट में महिलाओं की कम भागीदारी उजागर
- 22 वर्षों में 14,335 अभ्यर्थियों का हुआ अंतिम चयन
- विभिन्न विभागों में 2808 अभ्यर्थियों का चयन
देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन करने की दौड़ में महिलाएं अभी भी पुरुषों से पीछे दिखाई दे रही हैं। Uttarakhand Public Service Commission की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024-25 में विभिन्न विभागों में हुई भर्तियों के लिए प्राप्त कुल आवेदनों में महिलाओं की भागीदारी करीब 40 प्रतिशत रही, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की संख्या लगभग 60 प्रतिशत दर्ज की गई। लोक सेवा आयोग की यह रिपोर्ट अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक की अवधि को शामिल करती है, जिसे विधानसभा पटल पर प्रस्तुत किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, राज्य निर्वाचन विभाग, उत्तराखंड सचिवालय, राजकीय पॉलीटेक्निक, वन और राजस्व विभाग सहित कई विभागों में रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रियाएं आयोजित की गईं। इन भर्तियों के लिए प्राप्त आवेदनों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में काफी कम रही। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक परिस्थितियां, पारिवारिक जिम्मेदारियां और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधनों की कमी जैसे कारणों से कई महिलाएं अभी भी सरकारी नौकरियों की प्रतियोगिता में पीछे रह जाती हैं।
रिपोर्ट में श्रेणीवार आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया है। कुल आवेदनों में लगभग 60 प्रतिशत आवेदन सामान्य वर्ग से प्राप्त हुए, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग से करीब 18 प्रतिशत आवेदन आए। हालांकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी में महिला अभ्यर्थियों की भागीदारी अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिली। आयोग के आंकड़ों के अनुसार पिछले 22 वर्षों में विभिन्न विभागों के कुल 15,166 रिक्त पदों के लिए भर्ती प्रक्रियाएं संचालित की गईं। इन पदों के लिए लगभग 31.94 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 14,335 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया।
वर्ष 2024-25 के दौरान आयोग ने विभिन्न विभागों के 31 पदोन्नति मामलों का भी निपटारा किया। कुल 452 पदों के सापेक्ष 341 पदों पर पदोन्नति की सिफारिश की गई, जबकि 12 विभागों में 116 पदों पर विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के मामले अभी लंबित हैं। इसी अवधि में आयोग ने विभिन्न विभागों के अलग-अलग पदों पर कुल 2,808 अभ्यर्थियों का चयन किया। चयनित अभ्यर्थियों में राज्य के विभिन्न जिलों के उम्मीदवार शामिल हैं। इनमें Dehradun, Haridwar, Nainital, Almora, Chamoli, Pithoragarh और अन्य जिलों के अभ्यर्थी शामिल हैं।
रिपोर्ट के आंकड़े इस बात की ओर संकेत करते हैं कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अभी और प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि आधी आबादी भी बराबरी के साथ रोजगार के अवसरों में भागीदारी कर सके।






