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रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के प्रयासों से त्रियुगीनारायण तेजी से डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में उभर रहा है, जहाँ 2022 से 2025 के बीच 750 शादियाँ संपन्न हुईं। इससे स्थानीय पर्यटन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है।
- त्रियुगीनारायण में 750 डेस्टिनेशन वेडिंग का रिकॉर्ड
- प्रशासनिक पहल से बढ़ा क्षेत्र का पर्यटन और रोजगार
- शिव–पार्वती के पौराणिक विवाह स्थल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता
- स्थानीय व्यवसायों को डेस्टिनेशन वेडिंग से मिल रहा सीधा लाभ
रुद्रप्रयाग। जिला प्रशासन रुद्रप्रयाग के सतत प्रयासों ने त्रियुगीनारायण क्षेत्र को एक उभरते हुए डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में नई पहचान दिलाई है। भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य विवाह स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह पौराणिक धाम अब देश और विदेश के जोड़ों के लिए विवाह संस्कार सम्पन्न करने का आकर्षक केंद्र बनता जा रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक गरिमा और व्यवस्थाओं के निरंतर सुधार ने यहां की लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि की है।
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त्रियुगीनारायण में आयोजित होने वाली शादियों ने पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को विशेष बल प्रदान किया है। होटल, होमस्टे, स्थानीय वाहन सेवा, फूल-व्यवसाय, बैंड-बाजा, हलवाई और पुजारी समुदाय तक इस बढ़ती मांग का सीधा लाभ पहुंच रहा है। ग्रामीण अंचलों में नई रोजगार संभावनाएं उत्पन्न हुई हैं, जिससे पर्यटन आधारित स्थानीय आजीविका को मजबूती मिल रही है।
इस सकारात्मक बदलाव को और विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी पहल दिखाई दे रही है। हाल ही में खंड विकास अधिकारी थराली, नितिन धानिया ने अपनी शादी का आयोजन त्रियुगीनारायण में ही किया, जिससे इस स्थल को एक औपचारिक उदाहरण के रूप में नई पहचान मिली। यह पहल स्थानीय समुदाय और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का संकेत देती है और भावी विवाह आयोजनों को नई प्रेरणा प्रदान करती है।
त्रियुगीनारायण पुरोहित समिति के अध्यक्ष सच्चिदानंद पंचपुरी के अनुसार, वर्ष 2022 में यहां पहली बार विवाह पंजीकरण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके बाद से हर वर्ष शादियों की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। समिति के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में 50 विवाह, 2023 में 200 विवाह, वर्ष 2024 में 200 विवाह और वर्ष 2025 में अब तक 300 विवाह सम्पन्न हो चुके हैं। मात्र चार वर्षों में कुल 750 शादियों का संपन्न होना इस क्षेत्र की लोकप्रियता और मांग में जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है।
प्रशासनिक प्रयासों, सुगम प्रक्रियाओं और बढ़ती रुचि के चलते अब त्रियुगीनारायण उत्तराखण्ड का प्रमुख डेस्टिनेशन वेडिंग पॉइंट बन चुका है। आगामी दिनों में यहां बेहतर सुविधाओं, सड़कों, पार्किंग, आयोजन स्थलों, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन सेवाओं के विस्तार से इस क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को और गति मिलने की संभावना है। जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में त्रियुगीनारायण को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आकर्षक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।





