
(देवभूमि समाचार)
साहित्य अर्पण… आज साहित्य के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाया है। इसकी स्थापना 4 वर्ष पूर्व नेहा शर्मा जी ने दुबई में की थी और आज एक सफल सशक्त अंतर्राष्ट्रीय मंच के रूप मे विद्यमान है। ये मंच देश-विदेश के उभरते रचनाकारों के लिये वरदान साबित हो रहा है।
हाल ही में साहित्य-अर्पण द्वारा प्रथम पुस्तक, अर्पण-साहित्याजंलि प्रकाशित की गई जिसका सम्पादन कुमार विक्रांत और नेहा शर्मा जी ने किया। पुस्तक में करीब तीस रचनाकारों की रचनाओ को स्थान मिला है। पुस्तक का विमोचन 26 फरवरी 2022 को ऑनलाइन ज़ूम पर हुआ।
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अर्पण-साहित्याजंलि पुस्तक का अनावरण साहित्य-अर्पण की वरिष्ठ लेखिका आदरणीया सरला मेहता जी, आदरणीय सुधीर कुमार शर्मा जी तथा आदरणीया मीरा शिंजनी जी के कर-कमलों द्वारा हुई। कार्यक्रम का आरंभ आदरणीया सपना व्यास जी ने सरस्वती वंदना से की।
विमोचन में सम्मिलित अन्य रचनाकार नेहा शर्मा जी, पूनम बागड़िया जी, नूतन गर्ग जी, सपना व्यास जी, प्रतिबिंब बड़ध्वाल जी, मीता जोशी जी, एकता कोचर जी, रुचि शर्मा जी, शाश्वत सिंह जी, स्वाति सिंह जी, कमलेश वाजपेयी जी, सीमा खारे जी, भावना भारद्वाज जी, सुधीर कुमार शर्मा जी, कुमार संदीप, समर नाथ मिश्रा जी और विनीता लवानियाँ जी थे।
पुस्तक के विमोचन का कार्यक्रम बेहद खूबसूरत व हर्षोल्लास के साथ सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। सभी रचनाकारों ने पुस्तक के प्रति अपने- अपने विचार रखें।
साथ ही मीरा शिंजनी जी द्वारा स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया तथा साहित्य-अर्पण की बेहतरीन लेखिका स्वर्गीय अंकिता भार्गव जी को भी याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
©पूनम बागड़िया “पुनीत” (दिल्ली)
न्यूज सोर्स- साहित्य अर्पण कार्यकारिणी







