
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में आयोजित रजत महोत्सव के अवसर पर यह दावा किया कि भारत माओवादी आतंकवाद के अंत के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि एक समय देश के 125 से अधिक जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे, परंतु अब यह संख्या घटकर मात्र तीन जिलों तक सीमित रह गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा अभियानों, बुनियादी ढांचे के विकास और पुनर्वास के माध्यम से एक बहुआयामी रणनीति बनाई गई है, जिससे दशकों से हिंसा झेल रहे इलाकों में शांति लौट रही है।
नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह राज्य अब माओवादी आतंकवाद की पकड़ से मुक्त होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने उन लोगों को याद किया जिन्होंने इस हिंसा के कारण वर्षों तक पीड़ा और भय में जीवन बिताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक या सुरक्षा उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए राहत का समय है जिनके जीवन इस हिंसा से तबाह हो गए थे।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि जो लोग सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा की बातें करते हैं, उन्होंने दशकों तक आदिवासी इलाकों की उपेक्षा की। उन्होंने कहा कि माओवादी आतंकवाद के कारण जिन क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंच पाया, वे सड़क, स्कूल, अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह गए। सत्ता में बैठे लोग उन इलाकों के लोगों को उनके भाग्य पर छोड़कर सुख-सुविधाओं में जीते रहे, जबकि निर्दोष जनता आतंक और गरीबी के बीच पिसती रही।
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मोदी ने कहा कि 2014 में जब उनकी सरकार ने सत्ता संभाली, तब देश के 125 से अधिक जिले माओवादी हिंसा से प्रभावित थे। आज स्थिति बदल चुकी है और अब केवल तीन जिले—बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर—ऐसे हैं जहां अभी भी माओवादी प्रभाव के कुछ अवशेष मौजूद हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि “वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरा भारत माओवादी आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।”
केंद्रीय गृह मंत्रालय के हालिया आंकड़ों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 2013 में 126 थी, जो 2025 में घटकर 18 रह गई और अब सिर्फ 11 जिलों तक सीमित है। यह गिरावट केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस नई नीति और दृढ़ संकल्प का परिणाम है जिसके तहत सरकार ने आतंकवाद से निपटने के साथ-साथ विकास को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सफलता केवल सुरक्षा बलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक की आशा और धैर्य की जीत है। उन्होंने कहा कि जब देश का कोई भी हिस्सा आतंक से मुक्त होता है, तो यह पूरे भारत के लिए गर्व का क्षण होता है। उन्होंने इस अभियान को भारत के आत्मविश्वास और नई दिशा का प्रतीक बताया, जहां विकास और शांति दोनों एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।
– अंकित सिंह
पूरा नाम: अंकित सिंह
पता: नई दिल्ली, भारत







