
देहरादून | चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बादल फटने के कारण भारी मलबा आया, जिसमें कई मकान, दुकाने और वाहन प्रभावित हुए। इस दुखद घटना में एक युवती मलबे में दबकर जीवन की आहुति दे चुकी है, जबकि एक व्यक्ति लापता है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया और लापता व्यक्ति के सुरक्षित एवं सकुशल होने की कामना की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें तत्काल राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं।
प्रभावित क्षेत्रों में डीडीआरएफ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को रवाना किया गया है। इसके अलावा कर्णप्रयाग-ग्वालदम मार्ग पर भारी बारिश और मलबे के कारण क्षति हुई है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर सुचारू करने का कार्य चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने प्रभावित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से टेलीफोन पर संपर्क कर आपदा से हुए नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और स्थानीय अधिकारियों से राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने का आग्रह किया। साथ ही स्थानीय विधायक से भी बातचीत कर उन्हें निर्देशित किया कि वे मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यों का भौतिक निरीक्षण करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मलबे और जलभराव की स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जाए और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। इसके साथ ही उनके लिए भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी मुख्यमंत्री स्वयं कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में उच्चतम सतर्कता बनाए रखने, आवश्यक संसाधनों को तुरंत भेजने और प्रभावित लोगों तक मूलभूत सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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संचालन के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मिलकर प्रभावित मकानों से मलबा हटाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने और सड़क मार्गों को खोलने का कार्य कर रही हैं। सरकारी अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली और संचार नेटवर्क को शीघ्र बहाल किया जाए। यह आपदा थराली क्षेत्र के निवासियों के लिए एक कठिन चुनौती बनी हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के नेतृत्व में राहत और बचाव कार्य लगातार युद्धस्तर पर जारी है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत और सुरक्षा मिल सके।





