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थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी सीमा संघर्ष के दौरान यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रेह विहार हिंदू मंदिर को नुकसान पहुंचने पर भारत ने गंभीर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों से संयम बरतने, शत्रुता समाप्त करने और सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
- सीमा संघर्ष की आग में झुलसी साझा सांस्कृतिक विरासत
- भारत ने मंदिर की सुरक्षा को बताया मानवता की जिम्मेदारी
- थाई-कंबोडिया झड़पों में दर्जनों मौतें, लाखों लोग विस्थापित
- यूनेस्को ने मंदिर के आसपास जारी लड़ाई पर जताई गहरी चिंता
नई दिल्ली। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच फिर से भड़के सीमा संघर्ष के दौरान यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल प्रेह विहार हिंदू मंदिर को हुए नुकसान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह मंदिर केवल किसी एक देश की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा सांस्कृतिक विरासत है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय समुदाय की है।
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विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बयान जारी कर कहा कि करीब 1,100 वर्ष पुराना प्रेह विहार मंदिर, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है, हाल ही में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच दोबारा शुरू हुए सीमा संघर्ष के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की संरक्षण सुविधाओं को नुकसान पहुंचना गंभीर चिंता का विषय है और इससे सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं।
रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत लंबे समय से प्रेह विहार मंदिर के संरक्षण से जुड़ा रहा है और इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों पर उसे भरोसा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मंदिर और उससे जुड़ी सभी संरक्षण व्यवस्थाओं की पूर्ण सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम तुरंत उठाए जाएंगे, ताकि आगे किसी प्रकार की क्षति न हो।
इस बयान के साथ ही भारत ने थाईलैंड और कंबोडिया दोनों से संयम बरतने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों पक्षों को शत्रुता समाप्त कर संवाद और शांति के रास्ते पर लौटना चाहिए, ताकि तनाव और हिंसा को और बढ़ने से रोका जा सके। भारत ने यह भी दोहराया कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान केवल बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है।
गौरतलब है कि कंबोडिया और थाईलैंड के बीच सीमा पर झड़पें एक बार फिर तेज हो गई हैं, जिससे जुलाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम टूट गया है। ताजा संघर्ष में थाई सेना के अनुसार तीन थाई नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि पहले की झड़पों में थाई सैनिक घायल हुए थे। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, मौजूदा संघर्ष में अब तक करीब 24 लोगों की जान जा चुकी है और सीमा के दोनों ओर लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा है।
इस पूरे टकराव के केंद्र में प्राचीन प्रेह विहार मंदिर आ गया है, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद रहा है। संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक एजेंसी यूनेस्को ने भी मंदिर के आसपास जारी लड़ाई पर गहरी चिंता जताई है और इसे विश्व धरोहर स्थल के लिए गंभीर खतरा बताया है। भारत का रुख स्पष्ट है कि किसी भी सशस्त्र संघर्ष में सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को निशाना बनाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह मानव सभ्यता के साझा मूल्यों के भी खिलाफ है।







