
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में बुधवार की रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के कूड़ी गांव में एक महिला ने कथित रूप से अपने पति को ज्वलनशील पदार्थ (केरोसिन) डालकर आग लगा दी। आग में झुलसा पति राम संवारे (55 वर्ष) चीखता-चिल्लाता कमरे से बाहर निकला तो आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाई।
गंभीर रूप से झुलसे राम संवारे को पहले सीएचसी बेंवा, फिर जिला चिकित्सालय और वहां से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, वह करीब 70 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। गांव के लोगों के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच काफी समय से अवैध संबंधों के शक को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार की रात लगभग 10 बजे दोनों के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े के कुछ समय बाद पूनम (50) ने पति को कमरे में बुलाया।
जैसे ही राम संवारे कमरे में पहुंचे, पूनम ने उन पर केरोसिन डालकर आग लगा दी और कमरे का दरवाजा बंद कर दिया। आग लगते ही राम संवारे ने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की और आग का गोला बनकर बाहर निकले। उनकी चीखें सुनकर आसपास के लोग दौड़े और पानी डालकर किसी तरह आग बुझाई।
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गांव में मचा हड़कंप, तीसरी पत्नी है पूनम
गांव में घटना की सूचना फैलते ही भारी भीड़ जुट गई। लोगों ने बताया कि पूनम, राम संवारे की तीसरी पत्नी है।
- पहली पत्नी की कई वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी, जिससे एक बेटा है जो मुंबई में नौकरी करता है।
- दूसरी पत्नी शादी के कुछ समय बाद घर छोड़कर चली गई थी।
- इसके बाद राम संवारे ने पूनम से तीसरी शादी की, जो पहले से विवाहित थी और उसके तीन बेटे थे। छह माह पहले उसके एक बेटे की मौत हो चुकी थी।
घटना के वक्त घर में केवल राम संवारे और पूनम ही मौजूद थे। पूनम के एक बेटे के बाहर होने और दूसरे के ससुराल में होने की वजह से किसी को वारदात की भनक नहीं लगी।
पुलिस ने लिया स्वत: संज्ञान, जांच शुरू
डुमरियागंज थाने के प्रभारी निरीक्षक उमेश धर द्विवेदी ने बताया कि घटना की अभी कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने मामले का स्वत: संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि यह जघन्य अपराध है और जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीओ डुमरियागंज बृजेश वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में केरोसिन डालकर जलाने की पुष्टि हुई है।
उन्होंने कहा कि वारदात के पीछे पारिवारिक विवाद और शक की भूमिका की जांच की जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने एंबुलेंस से राम संवारे को सीएचसी बेंवा पहुंचाया, जहां से उन्हें जिला चिकित्सालय सिद्धार्थनगर और फिर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनका 70 प्रतिशत शरीर जल चुका है और स्थिति बेहद नाजुक है।
गांव में दहशत और चर्चा
गांव में इस घटना के बाद भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि राम संवारे और पूनम के बीच आए दिन झगड़े और मारपीट होती रहती थी। कई बार लोगों ने बीच-बचाव किया, लेकिन विवाद बढ़ता गया। अब इस भयावह वारदात ने सभी को सन्न कर दिया है।







