
शामली के कबाड़ी बाजार में दुकान के मालिकाना हक को लेकर मंदिर समिति के साधु-संतों और व्यापारी पक्ष के बीच तीखा विवाद हो गया। महिलाओं ने जबरन कब्जे का आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी, जिसके बाद पुलिस हस्तक्षेप से समझौता कराया गया।
- मामला दुकान के मालिकाना हक और कब्जे से जुड़ा
- मंदिर समिति ने कोर्ट का फैसला अपने पक्ष में बताया
- व्यापारी ने स्टे ऑर्डर होने का दावा किया
- महिलाओं ने आत्मदाह की चेतावनी देकर प्रदर्शन किया
- पुलिस की मध्यस्थता से विवाद का समाधान
शामली। शहर के फव्वारा चौक स्थित कबाड़ी बाजार में शनिवार को दुकान के मालिकाना हक और कब्जे को लेकर मंदिर समिति के साधु-संतों और व्यापारी पक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि व्यापारी के परिवार की महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी देने लगीं। जानकारी के अनुसार, भैरव मंदिर समिति टंकी रोड के महंत पीर शेरनाथ के प्रतिनिधि पंडित लक्ष्मण कौशिक करीब एक दर्जन साधु-संतों के साथ व्यापारी आशु उर्फ प्रवीण बत्रा की रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर पहुंचे और दुकान खाली करने को कहा।
समिति का दावा है कि संबंधित वाद में न्यायालय का फैसला मंदिर समिति के पक्ष में आ चुका है। वहीं व्यापारी प्रवीण बत्रा का कहना है कि उनके पास न्यायालय से एक महीने का स्टे ऑर्डर है, ऐसे में जबरन दुकान खाली कराना अवैध है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची।
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इसी दौरान व्यापारी के परिवार की महिलाएं भी वहां आ गईं और पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया। महिलाओं ने दुकान के बाहर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह करने को मजबूर होंगी। करीब एक घंटे तक बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों को कोतवाली बुलाकर वार्ता कराई।
🤝 समझौता कैसे हुआ – एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। व्यापारी ने दो-तीन दिन में दुकान का एग्रीमेंट मंदिर समिति के पक्ष में करने पर सहमति जताई है। इसके बाद वही दुकान व्यापारी को किरायेनामे पर दी जाएगी। जब तक एग्रीमेंट प्रक्रिया पूरी नहीं होती, दुकान बंद रहेगी।







