
दिनेश जोशी के निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। साहित्यकार सुनील कुमार माथुर ने उनके निधन को पत्रकारिता के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए कहा कि जोशी सादगी, मिलनसार स्वभाव और मिशनरी पत्रकारिता के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
- वरिष्ठ पत्रकार दिनेश जोशी के निधन से शोक, साहित्यकारों ने जताया दुख
- पत्रकारिता जगत ने खोया बेबाक कलमकार, दिनेश जोशी को श्रद्धांजलि
- सादगी और मिशनरी पत्रकारिता के प्रतीक थे दिनेश जोशी
- साहित्यकार सुनील माथुर ने जताया शोक, कहा– अपूरणीय क्षति
सुनील कुमार माथुर
जोधपुर। वरिष्ठ पत्रकार दिनेश जोशी के निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन को मीडिया और साहित्य जगत के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। अणुव्रत लेखक मंच के सदस्य और साहित्यकार सुनील कुमार माथुर ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दिनेश जोशी के निधन से पत्रकारिता के क्षेत्र में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसे भर पाना असंभव है।
उन्होंने कहा कि जोशी सादा जीवन और उच्च विचारों के धनी थे। उनका स्वभाव बेहद मिलनसार था और वे अपनी पैनी लेखनी के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज की अनेक समस्याओं को उजागर किया और पत्रकारिता के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए। दिनेश जोशी ने विभिन्न समाचार पत्रों में अपनी सेवाएं दीं और अपनी लेखनी की विश्वसनीयता को हमेशा बनाए रखा।
उनकी नजर इतनी तेज थी कि वे किसी भी घटना को तुरंत समझकर उसे खबर का रूप दे देते थे। यही कारण था कि वे आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय थे। वे मिशनरी पत्रकारिता में विश्वास रखते थे और स्वयं को केवल पत्रकार नहीं बल्कि जनता-जनार्दन का मित्र मानते थे। साहित्यकार सुनील कुमार माथुर ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।








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