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वैज्ञानिकों ने काश्तकारों को सिंचाई के गुर सिखाए… संचालन करते हुए प्रणाली के माध्यम से फसलों के लिये उर्वरकों का उपयोग, देखभाल, सावधानियों, पाॅलीहाउस में एयर स्प्रिंकलर और ड्रिप पाइप की सथापना की जानकारी दी गयी, साथ ही कार्यशाला में उपस्थित कृषकों को विभिन्न जानकारियां जैसे प्राकृतिक खेती करने के लाभ/महत्व एवं जैव कीटनाशकों का उपयोग करने की विधि से भी अवगत कराया गया।
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पिथौरागढ। उद्यान विभाग द्वारा आरकेवीवाई योजना के पीडीएमसी घटक अन्तर्गत आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में जिले के विभिन्न क्षेत्र से आए किसानों ने प्रतिभाग किया। कृषि विज्ञान केन्द्र, गैना में आयोजित इस कार्यशाला में खेत, बलुवाकोट, डीडीहाट, कनालीछीना, नाचनी, नाकोट, विण, मूनाकोट एवं गुरना के प्रगतिशील कृषकों एवं महिला कृषकों ने पभाग किया।
कार्यशाला में मुख्य उद्यान अधिकारी, पिथौरागढ एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के विषय वस्तु विशेषज्ञों द्वारा कृषको को टपक सिंचाई प्रणाली एवं सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली स्थापना के लाभ, महत्वों, उपयोग करने की विधि इत्यादि की जानकारी दी गयी। उक्त के अतिरिक्त कृषकों को प्रयोगात्मक व्यावहारिक कार्य में मुख्य टैंक से सूक्ष्म सिंचाई के पानी के लिये पाइपों को जोडना…,
…फिल्टर लगाना, ड्रिप व स्प्रिंकलर का रखरखाव एवं संचालन करते हुए प्रणाली के माध्यम से फसलों के लिये उर्वरकों का उपयोग, देखभाल, सावधानियों, पाॅलीहाउस में एयर स्प्रिंकलर और ड्रिप पाइप की सथापना की जानकारी दी गयी, साथ ही कार्यशाला में उपस्थित कृषकों को विभिन्न जानकारियां जैसे प्राकृतिक खेती करने के लाभ/महत्व एवं जैव कीटनाशकों का उपयोग करने की विधि से भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर मुख्य उद्यान अधिकारी जगदीश चन्द्र काण्डपाल, विषय वस्तु विशेषज्ञ डाॅ0 अभिषेक बहुगुणा, डाॅ0 अलंकार सिह, डाॅ0 महेन्द्र सिह,डाॅ0 कंचन आर्य, दीपक कुमार ,सहायक विकास अधिकरी कु0 वर्षा गर्ब्याल एवं समस्त उद्यान सचल दल केन्द्रों के प्रभारी आदि मौजूद रहे। कार्यशाला समापन के दिन कृषकों को प्रमाण प्रत्र भी वितरित किया गया।







