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झबरेड़ा क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती से नाराज विधायक वीरेंद्र जाती ने समर्थकों के साथ रुड़की पहुंचकर ऊर्जा निगम अधिकारियों के सरकारी आवासों की बिजली काट दी। घटना के बाद ऊर्जा निगम की शिकायत पर विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ कोतवाली रुड़की में मुकदमा दर्ज किया गया है।
- रुड़की में बिजली कटौती को लेकर विधायक वीरेंद्र जाती का सीधा हस्तक्षेप
- 8 से 10 घंटे रोजाना कटौती का आरोप, पहले दी थी चेतावनी
- ऊर्जा निगम अधिकारियों के सरकारी आवासों की बिजली काटी
- कार्रवाई के बाद विधायक व समर्थकों पर दर्ज हुई प्राथमिकी
देहरादून। रुड़की और झबरेड़ा क्षेत्र में लंबे समय से बाधित विद्युत आपूर्ति को लेकर जनप्रतिनिधि और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति सामने आ गई है। झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से इस कदर नाराज हो गए कि उन्होंने समर्थकों के साथ रुड़की पहुंचकर ऊर्जा निगम के अधिकारियों के सरकारी आवासों के बिजली कनेक्शन ही कटवा दिए। इस घटना ने न केवल प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी, बल्कि कानून-व्यवस्था से जुड़ा मामला भी खड़ा कर दिया।
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विधायक वीरेंद्र जाती ने बताया कि वह लगभग 20 दिन पूर्व अधीक्षण अभियंता कार्यालय पहुंचे थे और वहां क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारु न होने पर कड़ी नाराजगी जताई थी। उनका आरोप था कि झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र में प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है, जिससे आम जनता, व्यापारी और छात्र बुरी तरह प्रभावित हैं। उस समय उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया तो वह ऊर्जा निगम के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएंगे।
बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे विधायक अपने समर्थकों के साथ रुड़की पहुंचे और ऊर्जा निगम के अधिकारियों के सरकारी आवासों की बिजली आपूर्ति बंद करा दी। मौके पर विधायक ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे तो वह हाइटेंशन लाइन काटने जैसे कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। इस घटनाक्रम के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ऊर्जा निगम की ओर से अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विभाग द्वारा सुधारात्मक कार्य लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मरम्मत और तकनीकी कार्यों के चलते कुछ क्षेत्रों में रोस्टिंग करनी पड़ती है, जिसकी सूचना उपभोक्ताओं को पूर्व में दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जानबूझकर किसी क्षेत्र को अंधेरे में नहीं रखा जा रहा है।
मामले ने उस समय कानूनी मोड़ ले लिया जब विद्युत वितरण उपखंड प्रथम के एसडीओ आकाश सिंह ने रुड़की कोतवाली में तहरीर दी। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर झबरेड़ा विधायक वीरेंद्र जाती और उनके समर्थकों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
इस पूरी घटना ने प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां एक ओर जनता बिजली संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।





