
गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून के गांधी पार्क में आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री ने संविधान, राष्ट्रभक्ति, एकता और उत्तराखंड के विकास कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
- गांधी पार्क में गूंजा वंदे मातरम्, मुख्यमंत्री ने किया सामूहिक गायन
- गणतंत्र दिवस पर मुख्यमंत्री धामी का राष्ट्रभक्ति और एकता का संदेश
- वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे, देहरादून में भव्य सामूहिक आयोजन
- संविधान और राष्ट्रप्रेम के संकल्प के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस
देहरादून। गणतंत्र दिवस के अवसर पर देहरादून स्थित गांधी पार्क में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रभक्ति, एकता और संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् अपनी रचना के 150 वर्ष पूर्ण कर चुका है।
उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की लेखनी से निकला वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा और एकता का प्रतीक बना। जब गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया, तब यह केवल नारा नहीं बल्कि त्याग, समर्पण और राष्ट्रप्रेम की जीवंत अभिव्यक्ति बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हजारों कंठों से वंदे मातरम् का सामूहिक गायन होता है, तो केवल स्वर नहीं मिलते, बल्कि हृदय, विचार और संकल्प भी एक हो जाते हैं।
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उन्होंने इस आयोजन के लिए भारत विकास परिषद के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि यह भारत की प्राचीन सभ्यता, लोकतांत्रिक परंपराओं और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। उन्होंने संविधान सभा के सदस्यों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों तथा देश की रक्षा में बलिदान देने वाले सैनिकों और पुलिसकर्मियों को नमन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल इंडिया, यूपीआई, शिक्षा, स्वास्थ्य और गरीब कल्याण योजनाओं ने देश को नई दिशा दी है। आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों से भारत की आर्थिक नींव मजबूत हुई है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में सख्त भू-कानून, समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि 11 हजार एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण मुक्त की गई है और पिछले साढ़े चार वर्षों में 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 44 प्रतिशत रिवर्स पलायन हुआ है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों को दर्शाता है। साथ ही नीति आयोग के एसडीजी इंडेक्स 2023-24 में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प के साथ कार्य कर रही है और इसमें प्रदेशवासियों की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।






