
पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह द्वारा विश्व दृष्टि दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन “विश्व दृष्टि दिवस साहित्यिक महोत्सव” का आयोजन किया गया। जिसका विषय ‘आँखें है अनमोल’ रखा गया। इस महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों के रचनाकारों ने भाग लिया तथा आँखों के महत्व और विशेषता पर आधारित अपनी बेहतरीन रचनाओं को प्रस्तुत कर आँखों की देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक किया।
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इस साहित्यिक महोत्सव में केंद्रीय विद्यालय वायुसेना स्थल जैसलमेर के गणित शिक्षक श्री मुकेश बिस्सा ने भी भाग लिया। श्री मुकेश बिस्सा (जैसलमेर, राजस्थान ) की रचना ” आंखों से उसने” ने सभी का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। इस महोत्सव में सम्मिलित प्रतिभागी रचनाकार इस शख्सियत को ऑनलाइन “पुनीत साहित्य ज्योति” सम्मान देकर सम्मानित किया गया।
पूर्व में भी इन्हें कई सम्मानों से सुशोभित किया जा चुका हैं। जिनके पांच एकल काव्य संकलन अभिव्यक्ति, एक अहसास,सफर ए जिंदगी, काव्यांजलि, स्पर्श व मंथन प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अलावा साझा संकलन साहित्यनामा, आयाम, काव्याश्रम, प्रखर नामा गूंज, अविरल प्रवाह, सुनहरी किरणे आदि प्रकाशित हो चुके हैं।
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