
गणपत लाल उदय
अजमेर, राजस्थान
चलो मनाएं हम सब मिलकर आज शिक्षक दिवस,
पाँच सितम्बर को आता है यह पावन दिन हर वर्ष।
सभी को ज्ञान देते यह शिक्षक यही मिटाते अज्ञान,
डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी हैं इनके ये आदर्श।
बड़ा योगदान रहा है इनका शिक्षा एवं राजनीति में,
प्रोफेसर कुलपति रहे हैं वो इन विश्वविद्यालयों में।
इसलिए शिक्षक दिवस का दिन उनको है समर्पित,
कई प्रतियोगिताएं होती हैं इस दिन विद्यालयों में।
इस रोज़ नहीं रहता है शिक्षक दिवस का अवकाश,
होता सांस्कृतिक कार्यक्रम व शिक्षकों का सम्मान।
जिससे गुरु और शिष्य का यह रिश्ता मजबूत होता,
अन्धेरे से निकालकर जीवन ये करते प्रकाशवान।
किसी भी शिष्य से नहीं करते ये शिक्षक भेदभाव,
निर्धन हो या धनवान सरल रहता है जिनका भाव।
अध्यापक, टीचर, मास्टर, सर एवं कहते हैं इनको गुरु,
नहीं होते कोई शिक्षक स्वार्थी, शहर हो चाहे गाँव।
गुरु ज्ञान से ही समझते हैं पाप एवं क्या है पुण्य,
जो चलते इनके बताएं पदचिन्ह पर हो जाते धन्य।
कल्याण के मार्ग पर चलना ये गुरूदेव ही सिखाते,
विद्यार्थियों के लिए यही शिक्षक होते हैं पूजनीय।









