March 14, 2026

9 thoughts on “कविता : आलसी इंसान

  1. वास्तव में आजकल यही हो रहाहै। हर कोई बस बाज़ार कीही वस्तुएँ मंगा रहा है और रुचि से सेवन कर रहा है

  2. वास्तव में आजकल यही हो रहाहै। हर कोई बस बाज़ार कीही वस्तुएँ मंगा रहा है और रुचि से सेवन कर रहा है

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