
[box type=”info” align=”alignleft” class=”” width=”100%”]
धरती का रंग बना मटमैला खुशबू तो फूलों से आती घर की मुंडेर पर आज जलाओ दिवाली की दिया बाती नदी किनारे जंगल को कस्तूरी महकाती #राजीव कुमार झा
[/box]
Government Advertisement...

कस्तूरी की गंध
महकती
हिरनी उसे ढूंढने
कड़ी धूप में
मारी मारी फिरती
इसे देखकर चिड़िया
हंसती
वह सूरज को
हंसकर कहती
सुबह यहां उजाला
फैला
धरती का रंग बना
मटमैला
खुशबू तो फूलों से
आती
घर की मुंडेर पर
आज जलाओ
दिवाली की दिया बाती
नदी किनारे
जंगल को कस्तूरी
महकाती
👉 देवभूमि समाचार में इंटरनेट के माध्यम से पत्रकार और लेखकों की लेखनी को समाचार के रूप में जनता के सामने प्रकाशित एवं प्रसारित किया जा रहा है। अपने शब्दों में देवभूमि समाचार से संबंधित अपनी टिप्पणी दें एवं 1, 2, 3, 4, 5 स्टार से रैंकिंग करें।








